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दिल्ली में घर-घर सेवा देने वालों की रैपिड टेस्ट किट से जी जाएगी जांच

Fri, 17 Apr 2020 05:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  
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Covid 19 test kit - फोटो : Social Media
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दिल्ली सरकार अब डोर-टू-डोर जरूरी सेवाएं मुहैया कराने वाले डिलीवरी मैन की रैपिड टेस्ट किट से जांच कराएगी। इससे बड़े पैमाने पर घरों में बैठे लोगों को कोरोना संक्रमण की आशंका से सुरक्षित रखा जा सकता है। दिल्ली सरकार ने यह फैसला दक्षिणी दिल्ली में पिज्जा सप्लाई करने वाले एक सर्विसमैन के कोरोना संक्रमित होने के बाद लिया है, जिसकी वजह से करीब 72 परिवारों को होम क्वारंटीन किया गया है।

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दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि दिल्ली में डोर-टू-डोर सर्विस मुहैया कराने वाले सभी लोगों की रैपिड टेस्ट किट से जांच कराई जाएगी। 

इसमें डिलीवरी मैन, राशन की दुकान व मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले भी शामिल होंगे। इस टेस्ट के सहारे सुनिश्चित किया जाएगा कि वह खुद भी सुरक्षित हैं और उनके संपर्क में आने वाले लोगों में भी संक्रमण की आशंका नहीं रहेगी। 
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72 परिवारों के साथ पिज्जा ब्वॉय के 17 साथियों को भी क्वारंटीन किया गया है। 19 वर्षीय युवक सावित्री नगर में अपने सात से आठ साथियों के साथ एक ही कमरे में रहता था। 

दरअसल, दक्षिणी दिल्ली के हौजखास व मालवीय नगर में पिज्जा की डिलीवरी करने वाला एक शख्स कोरोना संक्रमित मिला है। यह मार्च के आखिर ड्यूटी पर था, जबकि पिछले सप्ताह यह कोरोना संक्रमित पाया गया। नौकरी पर रहने के दौरान उसने में जिन घरों में पिज्जा डिलीवरी दी थी और अपने दफ्तर व घर पर जिनसे मुलाकात हुई थी सभी को क्वारंटीन भेजा गया है।

दक्षिणी दिल्ली के जिलाधिकारी का कहना है कि 72 घरों में रहने वाले लोगों को होम क्वारंटीन में भेजा गया है। इनका डोर-टू-डोर सर्वे होगा। यदि किसी में कोरोना वायरस से संक्रमण का लक्षण मिलेगा तो उनका टेस्ट कराया जाएगा। 

दूसरी तरफ यह पता करने की कोशिश हो रही है कि उसने किसी और से तो संपर्क नहीं किया था। अगर जरूरी हुआ तो दूसरे परिवारों को भी क्वारंटीन किया जा सकता है।

क्या है रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट
नई दिल्ली। संक्रमण के स्तर का पता लगाने के लिए यह एक ऐसी जांच है जिसके जरिए एल्कोहल युक्त रसायन से ऊंगली को साफ कर रक्त जांच की जाती है। करीब 15 से 30 मिनट के बीच ही इससे पता चल जाता है कि व्यक्ति में संक्रमण है या नहीं। हालांकि, इस जांच का इस्तेमाल मरीज की जांच में नहीं किया जा सकता है। क्योंकि, यह महज एक सर्विलांस टूल के रूप में कार्य करती है, जिससे पता चलता है कि संक्रमण के फैलाव का स्तर क्या है?

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