देश में सबसे ज्यादा पाए जाने वाले ओरल, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की पहचान घर-घर जाकर की जाएगी। आशा वर्कर घर-घर जाकर 30 साल से अधिक के सभी लोगों की जांच करेंगी। जांच के दौरान यदि कोई संदेह नजर आता है तो इन लोगों को आगे की जांच के लिए प्राथमिक चिकित्सालय भेजा जाएगा। जांच में कैंसर की पुष्टि होने के बाद अस्पताल में पूरा इलाज किया जाएगा।
विशेषज्ञों की माने तो यह तीनों कैंसर देश में होने वाले कुल मामलों में सबसे अधिक है। महिलाओं में होने वाले कुल कैंसरों में 50 फीसदी मामले स्तन और सर्वाइकल कैंसर से जुड़े होते हैं। एम्स के डॉ. बीआर अम्बेडकर संस्थान रोटरी कैंसर अस्पताल की डॉ. पल्लवी शुक्ला ने बताया कि इन तीनों कैंसर की रोकथाम के लिए नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रीवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ नॉन कम्युनिकेबल डिजीज में राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
इसके लिए देशभर में सात केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से एम्स दिल्ली भी एक केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह प्रोग्राम शुरू हो गया है। इसके तहत घर घर जाकर जांच होनी है। इन तीनों कैंसर की रोकथाम संभव है। शुरुआती दौर में इन कैंसर को पकड़ लिया जाए तो इलाज उपलब्ध है। कैंसर के पीछे एक बहुत बड़ा कारण तंबाकू और धूम्रपान का इस्तेमाल है। आंकड़े बताते हैं कि भारत में करीब 13 साल की उम्र के बाद तंबाकू का सेवन तेजी से बढ़ता है।
स्तन कैंसर
- महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है। यह पुरुषों में भी पाया जा सकता है
- कैंसर स्तन में स्तन पर गांठ, स्तन की त्वचा में बदलाव, निपल से असामान्य स्राव और दर्द के लक्षण दिख सकते हैं
सर्वाइकल कैंसर
- सर्वाइकल कैंसर (सर्विक्स) होने का प्रमुख कारण एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) का संक्रमण है। इसके होने पर शुरू में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन समय के साथ निजी अंग से असामान्य रक्तस्राव, दर्द या शौच में कठिनाई हो सकती है।
ओरल कैंसर
- मुंह में होने वाला यह कैंसर मुंह, जीभ, गालों के अंदर, मसूड़ों या तालु (पालेट) में उत्पन्न हो सकता है। इस कैंसर के होने के पीछे तंबाकू, शराब का सेवन और एचपीवी संक्रमण प्रमुख कारण हो सकता है। मुंह में घाव, लाल या सफेद धब्बे, दर्द या सूजन, निगलने में कठिनाई, और आवाज में बदलाव इसके लक्षण हो सकते हैं।