एसएचओ कविनगर ने बताया कि विनोद उर्फ भज्जी गांजा तस्कर राहुल केगैंग का सदस्य था। वर्ष 2016 में सिहानी गेट थाना क्षेत्र के पीले क्वाटर्स में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। उसमें राहुल जेल गया था। उस वक्त विनोद उर्फ भज्जी की बजाय गलती से उसका नाम सोनू प्रकाश में आया था। लेकिन, सोनू नाम तस्दीक न होने पर उसका नाम मुकदमे से निकल गया था।
जिस व्यक्ति की हत्या हुई थी, उसके गिरोह केलोग हत्याकांड में विनोद उर्फ भज्जी का हाथ भी मानते थे। वह विनोद की हत्या की फिराक में थे, लेकिन दो साल से विनोद जेल में बंद था। जेल से आने के दो माह बाद ही विनोद की हत्या कर दी गई।
दूसरे गैंग के तीन लोगों पर मुकदमा
एसएचओ ने बताया कि परिजनों की तरफ से राजू, अंकित व सोनू नागर को नामजद कर तहरीर दी गई है। तीनों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीनों आरोपी 2016 में मारे गए व्यक्ति के पक्ष के लोग हैं। हत्या की रंजिश में ही विनोद की हत्या की गई है। पुलिस का कहना है कि विनोद की जमानत में मदद करने वाले राहुल से भी पूछताछ की जाएगी। राहुल तीन दिन पहले ही कविनगर थाने से एनडीपीएस में जेल भेजा गया है।
दो दिन पहले चौकी बुलाकर दी थी नसीहत
पुलिस के मुताबिक जेल से आने के बाद भी विनोद अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। कविनगर पुलिस ने दो दिन पहले ही उसे चौकी में बुलाकर नसीहत दी थी। न सुधरने पर अंजाम भुगतने की बात चेतावनी भी दी गई थी। उस पर पुलिस की बातों का असर होता, इससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।
विनोद उर्फ भज्जी की गोली मारकर हत्या की गई है। उस पर 13 मुकदमे दर्ज थे। परिजनों ने दूसरे गैंग के तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखाया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई हैं। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
- सुधीर कुमार सिंह, एसएसपी