सोमवार, यानी आज डॉक्टर दिवस है। हर साल इस दिन को खास बनाने के लिए डॉक्टर विभिन्न रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करते थे, लेकिन इस बार बगीचा रूपी समाज में दिन-रात खिले रहने वाले डॉक्टर अपनी सुरक्षा को लेकर चितिंत हैं।
अस्पतालों में लगातार बढ़ रही हिंसा उनके लिए नासूर बन चुका है। शायद, इसलिए सोमवार को राजधानी के विभिन्न इलाकों में हिंसा के शिकार हो रहे डॉक्टर समाधान को तलाशने के लिए परिचर्चा करेंगे। लोगों को भी डॉक्टरों के प्रति सकारात्मक व्यवहार अपनाने की अपील करेंगे।
डीडीयू मार्ग स्थित गांधी शांति प्रतिष्ठान में स्वस्थ भारत (न्यास) एवं बिहार मेडिकल फोरम के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के सहयोग से राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित होगा।
इस दौरान वरिष्ठ न्यूरो-सर्जन डॉ. मनीष कुमार, बिहार मेडिकल फोरम के सचिव व वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजेश पार्थ सारथी, वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉ. सुशील कुमार, वरिष्ठ होमियोपैथी चिकित्सक डॉक्टर पंकज अग्रवाल एवं डॉ. आरकांत, डॉ. ममता ठाकुर, वेल नोन लाइफ एंड वेलनेस कोच डॉ. अभिलाषा द्विवेदी, फेडरेशन ऑफ रेसिडेंट्स डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुमेध संदनशिव सहित दिल्ली के तमाम वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद रहेंगे।
आईटीओ स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) अपने मुख्यालय से देशभर के लिए मुहिम शुरू करेगा। इसके तहत राज्यों में आईएमए ना सिर्फ डॉक्टर व मरीज के बीच रिश्ते मधुर करने के लिए जागरूकता फैलाएंगे, बल्कि रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे।
दिल्ली के आईएमए मुख्यालय पर रक्तदान शिविर में सहभागिता करने के लिए डॉक्टरों ने आम जनमानस को भी पहुंचने की अपील की है। इसके अलावा एम्स और दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की ओर से भी जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे।