इस अनोखी सर्जरी ने न सिर्फ युवक के हाथ की कार्यक्षमता को वापस लौटाया, एक नया उदाहरण भी पेश किया है। ऐसे में हादसे के बाद जब युवक को अस्पताल लाया गया, तो ट्रॉमा टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। कटे हुए अंगों (पैर और अंगूठे) की जांच की गई, लेकिन गंभीर रूप से कुचलने की वजह से इन्हें दोबारा जोड़ना संभव नहीं था। ऐसे में डॉक्टरों ने कटे हुए पैर की दूसरी उंगली का उपयोग कर युवक के हाथ में नया अंगूठा बनाया। इससे मरीज के हाथ को फिर से उपयोगी बनाने के साथ उस अंग के टिशू का भी उपयोग किया गया, जिसे बचाना पहले असंभव लग रहा था।
डॉ. मंगले ने बताया, हादसे के बाद सबसे जरूरी है कि मरीज और कटे हुए अंग को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जाए। कटे हुए अंग को सही तरीके से सुरक्षित रखकर लाना बेहद महत्वपूर्ण है। समय पर और उचित देखभाल से ही अंग को बचाने और उसकी कार्यक्षमता बहाल करने की संभावना बढ़ती है।