शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने का डाक्टरों की तरफ से विरोध तेज हो गया है। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) ने एक दिन पहले सरकार को हड़ताल की चेतावनी दी है। रविवार को डॉक्टरों के दूसरे संगठन भी डीएमए के साथ लामबंद हो गए।
बताया जा रहा है कि सोमवार को सरकारी अस्पतालों के डाक्टर भी डीएमए के पक्ष में खड़े हो सकते हैं। वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) भी इस मसले में सोमवार को बड़ा एलान करेगा।
सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजीव सूद का कहना है कि जब दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) ने इस पर जांच शुरू कर दी है तो उसके नतीजे आने से पहले ही सरकार को ऐसा फैसले लेने का नैतिक अधिकार नहीं है।
लाइसेंस कैंसल कर सरकार ने हजारों बेगुनाहों को बेरोजगार किया है। दूसरी तरफ, दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों की संस्था फोर्डा के अध्यक्ष डॉ. विवेक चौकसे भी डीएमए के फैसले से सहमत हैं। उनका कहना है कि इस तरह के फैसलों से डॉक्टर और मरीज के रिश्ते बुरी तरह प्रभावित होंगे। फोर्डा इस मसले पर सोमवार की बैठक में फैसला लेगा।