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लोकनायक अस्पताल में डॉक्टरों ने की हड़ताल, वेतन न मिलने पर ओपीडी में मरीजों का नहीं किया इलाज

Mon, 29 Apr 2019 10:28 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लोकनायक अस्पताल - फोटो : social media
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दिल्ली गेट स्थित लोकनायक अस्पताल में सोमवार को डॉक्टरों की हड़ताल रही। वेतन न मिलने के कारण डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीजों का उपचार नहीं करने का फैसला लेते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आनन-फानन में अस्पताल प्रबंधन ने 9 सदस्यीय समिति का गठन कर बैठक की और डॉक्टरों की परेशानी को अगले कुछ दिन में दूर करने का फैसला लिया। देर रात तक हड़ताल जारी रही।

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डॉक्टरों का कहना है कि ऐरियर 15 जुलाई तक दे दें, अगर नहीं आता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन लिखित में दें, तभी हड़ताल खत्म करेंगे। इस पूरे बीच अस्पताल में मरीजों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. किशोर कुमार का कहना है कि वेतन से जुड़ी परेशानी को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल की है। हड़ताल के दौरान अस्पताल में वरिष्ठ डॉक्टर मरीजों का उपचार कर रहे थे, जबकि सूत्रों की मानें तो मरीजों को ओपीडी में कई घंटे इंतजार करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को लोकनायक अस्पताल में डीएनबी के रेजीडेंट डॉक्टरों ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ न मिलने के कारण हड़ताल की। अस्पताल के विभिन्न विभागों में तैनात 100 से ज्यादा रेजीडेंट डॉक्टरों ने एकजुट होकर विरोध शुरू कर दिया था। हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और न ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हो सकी हैं। पिछले दो से तीन माह में इन्हें वेतन तक नहीं मिला है।
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बैठक में उठा मार्शल का मुद्दा, जल्द होंगे तैनात
समिति की बैठक में डॉक्टरों ने वेतन के अलावा सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। इस दौरान उन्होंने बताया कि अस्पताल में आए दिन तीमारदारों के साथ झगड़ा हो रहा है। सरकार से कई बार शिकायत के बाद भी अब तक पूरी संख्या में मार्शल तैनात नहीं किए गए हैं। मार्शलों की तैनाती अगले कुछ माह के दौरान करने का भरोसा अस्पताल प्रबंधन ने दिया है।

चुनावी माहौल में हड़ताल, हाईकमान से खटके फोन
सोमवार सुबह डॉक्टरों की हड़ताल की सूचना दिल्ली स्वास्थ्य विभाग और सरकार के आला अधिकारियों तक पहुंच चुकी थी। चुनावी माहौल में विपक्ष के हाथ लग रहे इस मुद्दे को तत्काल रोकने के लिए अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन से जुड़े डॉक्टरों को फोन खटखटाना भी शुरू कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो दिल्ली सरकार की ओर से भी किसी भी तरह हड़ताल खत्म कराने के निर्देश सुबह ही मिल चुके थे। शायद इसीलिए अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में समिति का गठन किया।

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