सफदरजंग अस्पताल में सर्जरी विभाग से डॉ. शिवानी बी. परुथी ने बताया कि टीम ने दिल्ली निवासी 65 साल की महिला के पेट से 10.6 किलोग्राम वजनी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर (जीआईएसटी) को निकाला। इसके लिए एक अत्यंत जटिल शल्य प्रक्रिया को किया गया। मरीज आठ महीने से इस बीमारी से पीड़ित थी। यह ट्यूमर मरीज के पेट के सभी भागों में फैल गया और बाहरी श्रोणि वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचने लगा। इससे दाहिने हाइड्रोनेफ्रोसिस हो रहा था।
उन्होंने कहा कि अस्पताल के निदेशक डॉ. संदीप बंसल, डॉ. चारु भाम्बा एमएस, विभागाध्यक्ष डॉ. कविता और विभागाध्यक्ष सर्जरी डॉ. आर.के. चेजारा के नेतृत्व में टीम बनाई गई। जिसमें डॉ. डी.के. चेजारा, डॉ. सपना भाटिया और डॉ. विष्णु सहित एनेस्थीसिया टीम का सहयोग रहा। ट्यूमर के विशाल आकार और पेट के कई अंगों, ओमेंटम और ब्लैडर डोम से जुड़े होने के कारण इस प्रक्रिया में सर्जिकल विशेषज्ञता की आवश्यकता थी, जिससे सर्जरी के दौरान इसे वापस खींचना और संभालना बेहद मुश्किल हो गया था।
वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल के निदेशक डॉ. संदीप बंसल ने कहा कि यह सर्जिकल उपलब्धि अस्पताल में सहयोगात्मक चिकित्सा उत्कृष्टता के शिखर का प्रतिनिधित्व करती है। इस विशाल 10.6 किलोग्राम के जीआईएसटी ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाना, जिसमें कई अंग प्रणालियां व्यापक रूप से शामिल थीं, रोगी देखभाल और सर्जिकल नवाचार के लिए हमारी टीम की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ऐसे जटिल मामलों में न केवल उन्नत सर्जिकल कौशल की आवश्यकता होती है, बल्कि विभागों के बीच समन्वय की भी आवश्यकता होती है।