एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने 22 वर्षीय महिला के पेट की सर्जरी किए बिना एडवांस लैप्रोस्कोपिक एक्सट्रेक्शन तकनीक से पांच किलो का ट्यूमर निकाला है। वह सांस लेने में दिक्कत की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी।
महिला मरीज सरिता ने जब सर्जरी करने से मना किया तो डॉक्टरों ने एडवांस लैप्रोस्कोपिक एक्सट्रेक्शन नामक तकनीक से ट्यूमर निकाल मात्र दो दिनों में उसे घर भेज दिया।
सरिता ने पत्रकारों को बताया कि मात्र दो दिन में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। इससे उसकी नौकरी भी प्रभावित नहीं हुई और कई महीनों से चली आ रही समस्या भी ठीक हो गई।
एडवांस लैप्रोस्कोपिक एक्सट्रेक्शन विशेषज्ञ डॉ. बीडी पाठक ने बताया कि सरिता को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। वह दस अक्तूबर को फोर्टिस अस्पताल में आई थी। जांच में पता चला कि उसके पेट में पांच किलो का ट्यूमर है। चूंकि सरिता ऑपरेशन कराए बिना इससे निजात पाना चाहती थी। इसलिए अत्याधुनिक एडवांस लैप्रोस्कोपिक एक्सट्रेक्शन नामक तकनीक से सरिता का ट्यूमर निकाला गया।
इस तकनीक से किसी भी उम्र के व्यक्ति का इलाज किया जा सकता है। अमूमन उम्र दराज लोगों की सर्जरी करने में ज्यादा जोखिम रहता है जबकि इस तकनीक में जोखिम कम है।