गाजियाबाद के जिला अस्पताल एमएमजी में सोमवार को पर्ची बनने में देरी के कारण सवा माह के बच्चे की मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना पर्ची के बच्चे का इलाज करने से मना कर दिया था। पिता पर्ची बनवाने के लिए दो घंटे तक चक्कर काटता रहा।
मसूरी के बसंत गढ़ी गांव निवासी इरशाद के बच्चे की तबियत खराब थी। उसका शरीर नीला पड़ने लगा। वह जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। पिता का आरोप है कि डॉक्टर ने बच्चे को बिना देखे ही अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ के ओपीडी में भेज दिया।
इरशाद ओपीडी में पहुंचे तो निजी डॉक्टरों की हड़ताल के कारण वहां भीड़ थी। आधे घंटे बाद नंबर आया तो डॉक्टर ने पर्ची मांगी, जो इरशाद के पास नहीं थी। उसे पर्ची बनवाने में दो घंटे लग गए। सीएमएस रविंद्र राणा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। बच्चे के परिजनों ने लिखित में शिकायत नहीं की है।