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डॉक्टर से हाथापाई के बाद बंद हुए अस्पताल

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गुरु तेग बहादुर अस्पताल में चार दिन से चली आ रही रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों का बुरा हाल है। नए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है और भर्ती मरीजों को भी छुट्टी दी जा रही है।
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वहीं चार दिन में मुख्यमंत्री या स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का दौरा करके यह जानने की कोशिश नहीं की कि मरीजों का क्या हाल है, जबकि इन दिनों स्वाइन फ्लू मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है और इस अस्पताल को भी स्वाइन फ्लू मरीजों के इलाज के लिए चिह्नित किया गया है।

दूसरी ओर शुक्रवार से अन्य सरकारी अस्पतालों के रेजीडेंट डॉक्टर भी हड़ताल पर जा सकते हैं। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की स्वास्थ्य सचिव एससीएल दास और अन्य अधिकारियों के साथ सचिवालय में बैठक हुई, लेकिन बैठक बेनतीजा रही।
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मरीजों के तुलना में कम हैं डाक्टर

इससे पहले मंगलवार को भी दिल्ली सचिवालय में हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टरों की स्वास्थ्य सचिव के साथ बैठक हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका था। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि अभी तक हड़ताल जारी है।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके जैन ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने रेजिडेंट डॉक्टरों को उनकी मांगें मानने का भरोसा दिलाया, इसके बावजूद वे काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि ओपीडी से लेकर आपातकालीन विभाग, आईसीयू, सीसीयू और नर्सरी तक में वरिष्ठ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन मरीजों की संख्या को देखते हुए डॉक्टरों की संख्या कम है।

तीमारदार ने की थी डॉक्टर से हाथापाई

डॉ. जैन ने बताया कि जिन मरीजों को छुट्टी देने में दिक्कत नहीं है, उन्हें ही छुट्टी दी जा रही है, जबरन किसी को नहीं हटाया जा रहा है।

वास्तविकता यह है कि जहां ओपीडी में प्रति दिन हजार से अधिक मरीजों का इलाज होता था, वह संख्या आज सैकड़ों में है।
आपातकालीन विभाग में भी बमुश्किल मरीजों का इलाज हो रहा है।

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक नर्सरी में भर्ती बच्चों को भी अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा जा रहा है। सोमवार की रात एक रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मरीज के तीमारदार ने हाथापाई की थी। उसके बाद से रेजिडेंट डॉक्टर ने चिकित्सा सेवा ठप कर दी है।
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हिंदू राव में भी आंशिक हड़ताल

नगर निगम के हिंदू राव अस्पताल में भी पिछले कुछ दिनों से नर्स और रेजिडेंट डॉक्टरों की आंशिक हड़ताल जारी है। निगम की हालत इतनी खराब है कि कर्मचारियों और डॉक्टरों को समय से वेतन नहीं मिल रहा है।

इसलिए सुबह 9 से 11 बजे तक आंशिक तौर पर काम बंद रखा जाता है और नाराजगी व्यक्त की जा रही है। उधर, निगम के प्रवक्ता डॉ. योगेंद्र सिंह मान ने बताया कि जैसे-जैसे फंड आ रहा है डॉक्टरों और कर्मचारियों को वेतन दी जा रही है।
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