लोकसभा में मंगलवार को पेश हो रहे नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) के नियम 13 के विरोध में आईएमए ने सुबह 6 से शाम 6 बजे के बीच देश भर में हड़ताल पर रहने का निर्णय किया है। प्राइवेट क्लिनिक, नर्सिंग होम्स और निजी अस्पताल सभी ने इस हड़ताल को समर्थन दिया है।
जबकि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडू की राज्य सरकारें भी इस कानून में संशोधन पर सहमति जता चुकी हैं। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवि वानखेड़कर ने बताया कि हड़ताल के दौरान डॉक्टर सभी राज्यों के राजभवन और जिले में जिलाधिकारी के ऑफिस जाकर अपना ज्ञापन सौंपेंगे।
अगर बिल लोकसभा से पास हो जाता है तो आने वाले दिनों में डॉक्टर इस मामले को जनता के दरबार में ले जाएंगे और देशव्यापी आंदोलन करेंगे। इसके बाद भी बात नहीं बनी तो डॉक्टर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। नियम 13 के तहत डॉक्टर के खिलाफ शिकायत करना मरीज के लिए आसान नहीं रहेगा।
बिल में कई ऐसे नियम हैं, जो मरीज के साथ-साथ भारतीय डॉक्टरों के लिए भी मुसीबत बन गए हैं। देश की चिकित्सा और शिक्षा को लेकर सभी जिम्मेदारियां मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के पास हैं, लेकिन सरकार अब नेशनल मेडिकल काउंसिल लाकर इन जिम्मेदारियों को उसके हवाले कर देगी। इसके अलावा केवल भारतीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस करने वाले छात्रों को लाइसेंस लेने के लिए टेस्ट देना होगा, जोकि जनहित के लिहाज से गलत है।