बीके अस्पताल में आने वाली महिलाओं को अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। सिविल सर्जन ने अस्पताल की सभी 13 स्त्री रोग विशेषज्ञों की दिन-रात की ड्यूटी लगा दी है। रविवार को इस बावत उन्होंने एक बैठक कर निर्देश जारी किए।
नए निर्देशों के तहत वार्ड में तीनों शिफ्ट सुबह, दोपहर और शाम को एक-एक डॉक्टर मौजूद रहेगी। दूसरी डॉक्टर के वार्ड में आने के बाद ही पहली डॉक्टर रिलीव होगी। बैठक में यह निर्देश जारी किए गए कि अगर कोई डॉक्टर नियमों को नहीं मानता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अभी तक ओपीडी के समय और रात को जच्चा-बच्चा वार्ड में कोई डॉक्टर नहीं होता है। ओपीडी में सुबह से लेकर दोपहर तक अगर किसी महिला मरीज को डॉक्टरी सहायता की जरूरत है तो कॉल की जाती है। जबकि रात के समय नर्स के अलावा कोई डॉक्टर नहीं होता है। सभी सामान्य डिलीवरियां नर्स करवाती हैं।
ऑपरेशन के लिए डॉक्टर को बुला लिया जाता है। अगर कोई मरीज गंभीर है तो उसे रेफर कर दिया जाता है। सिविल सर्जन डॉ. गुलशन अरोड़ा ने बताया कि वार्ड को लेकर काफी शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों से मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।