नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले में आरोपी डॉक्टर की जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि जांच से प्रथम दृष्टया साफ है कि यह डॉक्टर संगठित पेपर लीक गैंग का सक्रिय षड्यंत्रकारी है। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने डॉक्टर मनोज भगवानराव शिरुरे (बाल रोग विशेषज्ञ) की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपियों की तीखी आलोचना की। कोर्ट ने कहा, आरोपियों के घृणित और अवैध कृत्यों ने उन ईमानदार छात्रों का विश्वास तोड़ दिया है, जो परीक्षा की तैयारी पूरे जोश और निष्ठा के साथ करते हैं। वे रात-दिन मेहनत करते हैं, आधी रात तक जागकर अपने साथी उम्मीदवारों से केवल अपनी क्षमता और कौशल के आधार पर मुकाबला करते हैं।
अदालत ने जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी डॉ. मनोज शिरुरे पेपर लीक के बड़े षड्यंत्र में सक्रिय रूप से शामिल था। कोर्ट ने पेपर लीक को संगठित गिरोह का काम बताया और इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया। डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे पर पेपर लीक गैंग के साथ मिलकर काम करने, पेपर सॉल्व करने वाले उम्मीदवारों को मदद पहुंचाने और पूरे नेटवर्क का हिस्सा होने का आरोप है। अदालत ने जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि आरोपी की भूमिका गंभीर है और वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है।