स्वामी विवेकानंद जी की 155वीं जंयती पर दिल्ली के चिकित्सक दिल्ली के लोगों में जागरूकता फैला रहे हैं। इस कड़ी में नेशनल मेडिको ऑर्गनाइजेशन दिल्ली ब्रांच व गुरुकुल ने तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम के पहले दिन शुक्रवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में सीपीआर व फर्स्टएड पर एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली के सभी मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने भाग लिया।
वर्कशॉप में डॉ.अजय बहल, डॉ. अमित कोहली ने छात्रों को फर्स्ट व सीपीआर की जानकारी दी। वर्कशॉप के बाद रामकृष्ण मिशन आश्रम के स्वामी सचिदानंद ने विवेकानंद जी के जीवन और विचारों पर प्रकाश डालकर छात्रों को उन्हें आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें तीन विषयों चिकित्सक की समाज में छवि व मीडिया की भूमिका, सोशल मीडिया युग में बढ़ती सामाजिक दूरियां, आधुनिक समय में स्वामी जी के विचारों की नई परिभाषा विषय पर छात्रों को अपने विचार रखने थे।
प्रतियोगिता में जज के रूप में डॉ. सुनील सत्रावल, डॉ. अनुराग मिश्रा, डॉ. मीता सिंह आंनद मौजूद रहे। प्रतियोगिता में आर्मी मेडिकल कॉलेज की नेहा ने पहला पुरस्कार जीता। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर डॉ. जेसी पासी,मौजूद रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. मनीष भूषण पांडे, डॉ. रक्षित गर्ग, सनत कुमार, संचित गुप्ता, नीरज आजाद यादव, डॉ.अपेक्षा मित्तल, अमृतपाल सिंह का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को अशोक विहार फेस-2 की जेलर वाला बाग बस्ती में चिकित्सकों ने गरीबों, विकलांगों, बुर्जुगों को कंबल वितरण किए।
इस मौके पर करीब डेढ सौ जरूरतमंदों को ठंड से बचने के लिए कंबल बांटे गए। लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों की जागरूकता के लिए रविवार को चिकित्सक साइकिल रैली का आयोजन कर रहे हैं। रैली में मेडिकल कॉलेज के छात्र और चिकित्सक भाग लेंगे।
रैली मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से शुरू होकर राजघाट जाएगी और फिर वापिस मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज पर आकर खत्म होगी। रैली की अगुवाई सनत कुमार करेंगे। डीसीपी सैंट्रल मनदीप सिंह रधावा रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
कार्यक्रम से जुड़े डॉ. रक्षित गर्ग का कहना है कि रैली का मूल उद्देश्य लोगों को जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूक करना है। देखा जाता है कि आजकल लोग व्यायाम, योगा की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं देते, खानपान सही नहीं है, सोशल मीडिया और स्मार्टफोन बीमारियां बढ़ा रहा है। हमारा उद्देश्य लोगों को इनके प्रति जागरूक करना है।