स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बृहस्पतिवार सुबह सामान्य अस्पताल में छापा मारा। स्वास्थ्य मंत्री के औचक निरीक्षण में अस्पताल में साफ-सफाई नहीं दिखी। रोगियों के टेस्ट बाहर बाजार से कराए जाने की पुष्टि हुई।
विज ने एक मरीज की फाइल में लगी निजी लैब की रिपोर्ट की फोटो अपने मोबाइल में ली। ज्यादातर मरीजों की जांच निजी लैब से करवाई गई थी। इस छापे से वहां के डॉक्टर घबरा गए।
रोगियों के उपचार में खामियां बरतने तथा कमरों में बंद एक्पायरी डेट की दवाइयों के भंडार की भी सूचना मिली है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के डीआई व डायरेक्टर को तुरंत प्रभाव से अस्पताल का निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।
रोगियों से मिलकर जाना हाल
वहीं मंत्री ने जांच के बाद इससे संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। बृहस्पतिवार को प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री ने नूंह जाते समय स्थानीय सामान्य अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
इस अवसर पर उनके साथ भाजपा नेता सूरजपाल अम्मू, कृष्ण मुखी, डाक्टर सतीश तवंर, ज्योति शर्मा, सहित अन्य क्षेत्रीय नेता भी मौजूद थे। स्वास्थ्य मंत्री ने सामान्य अस्पताल के पंजीकरण विंग से लेकर सभी वार्डों, लैब रूम, एक्सरे रूम सहित सभी विंग का बारीकी से निरीक्षण किया।
इस अवसर पर सामान्य अस्पताल में आए रोगियों से स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने उनका हाल पूछा। मंत्री ने रोगियों से डाक्टरों द्वारा किए जा रहे उपचार से लेकर अस्पताल में मिलने वाले दवाइयों तथा रोग जांच के लिए होने वाले टेस्टों की जानकारी प्राप्त की।
गिर सकती है एसएमओ पर गाज
स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल के टीकाकरण कक्ष में पहुंचे। जहां पर टीकाकरण के लिए रखी दवाइयों को उठा, उठाकर बारीकी से उनकी एक्सपायरी डेट तक चेक की।
उसके बाद पिछले दस साल से सील बंद दवाइयों के कमरों की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग के डारेक्टर को तुरन्त प्रभाव से जांच के आदेश दिए।
सामान्य अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने औचक निरीक्षण में तलाशी खामियों के बाद एसएमओ डॉ. गोविन्द शरण सहित अन्य कई डॉक्टरों पर गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है।
विज ने सामान्य अस्पताल का औचक निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों को बताया कि 80 फीसदी रोगियों को बाहर से टेस्ट करवाए जा रहे हैं।
ऐसा करना रोगियों की जेब पर बोझ डालना है। सामान्य अस्पताल में मिली खामियों की जांच कराई जाएगी। जो आज से ही शुरू हो जाएगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।