लोग डॉक्टर को भगवान मानते हैं। ऐसे में अगर डॉक्टर गलती करे तो किसे दोष दिया जाए। यह मामला 2003 का है जहां पंजाब से दिल्ली आई हरप्रीत नामक लड़की के दाएं की जगह बाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया। हनीप्रीत ने इसकी शिकायत उपभोक्ता आयोग में की। 14 साल बाद आयोग ने डॉक्टर को पीड़िता को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
बता दें कि हरप्रीत पंजाब के मुक्तसर जिले की रहने वाली हैं। इनको लकवा मार गया था, जिसके इलाज के लिए 1999 में ये अपने पिता के साथ दिल्ली आ गई। यहां इनका इलाज डॉ. पीएस मैनी से चलने लगा।
2003 में डॉ. मैनी ने इन्हें दाएं पैर की सर्जरी की सलाह दी। 30 मई 2003 को डॉ. मैनी की की देखरेख में हरप्रीत को ऑपरेशन के लिए चिरंजीव क्लीनिक और समा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने उसके दाएं पैर की जगह बाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया।