दिल्ली के एक निजी अस्पताल पर मरीज का गलत इलाज कर दोनों हाथों की आधी हथेली और दोनों पैरों के आधे तलवे काटने का आरोप लगाया गया है। साथ ही परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है।
इसकी शिकायत पुलिस से की गई है। उधर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बेहतर इलाज दिया जा रहा है और परिजन को भी मरीज से मिलने से नहीं रोका गया है।
दिल्ली के शाहाबाद मोहम्मदपुर निवासी प्रेमवती (44) को 7 अगस्त को गंभीर अवस्था में साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में बुखार, पेट में दर्द और शौच में दिक्कत की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था।
सही तरीके से इलाज नहीं करने से पैर-हाथ काटने की नौबत आई
चिकित्सीय जांच के बाद उसी दिन सर्जरी की गई। सर्जरी के कुछ दिनों बाद हाथ और पैर में संक्रमण फैलने लगा जिसके बाद डॉक्टरों ने आगे की इलाज के लिए परिवार से अनुमति मांगी।
मरीज के भाई पीआर सैनी का आरोप है कि डॉक्टरों ने कहा था कि उंगली काटनी पड़ेगी लेकिन हथेली और तलवे का बड़ा हिस्सा काट दिया गया और इसकी जानकारी भी नहीं दी।
इसकी जानकारी कुछ दिनों बाद नर्सों से मिली। सैनी का आरोप है कि डॉक्टर और स्टाफ मरीज से मिलने तक नहीं देते। सही तरीके से इलाज नहीं करने से पैर-हाथ काटने की नौबत आ गई।
अस्पताल बोला किया जा रहा बेहतर इलाज
पुलिस को शिकायत में इलाज में लापरवाही बताई गई है। परिवार के मुताबिक अभी तक अस्पताल को 5.90 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। उधर अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मरीज को बेहतर इलाज दिया गया और संक्रमण की वजह से ऐसी स्थिति आई।
मरीज के हथेली और पैर के तलवे का हिस्सा काटने का निर्णय परिवार की इच्छा से लिया गया। यही नहीं मरीज के पास ही उनके पति रहते हैं।
अस्पताल का कहना है कि अभी भी मरीज आईसीयू में भर्ती है और उनका इलाज जारी है।