सनराइज विले स्कूल प्रशासन की तरफ से फीस जमा नहीं करने पर बच्चे को स्कूल में प्रवेश न देने के मामले में ऑल नोएडा पैरंट्स एसोसिएशन स्कूल शुक्रवार को प्रबंधक से मिलने जाएगी। एसोसिएशन का कहना है कि फीस के मुद्दे पर स्कूल प्रबंधक को अभिभावकों से बात करनी चाहिए। इस बारे में बच्चों से कुछ नहीं बोलना चाहिए।
सनराइजविले स्कूल प्रबंधक ने फीस जमा नहीं होने से कई बच्चों को स्कूल से घर वापस भेज दिया था। बच्चों की जेब में घर आने के पैसे तक नहीं थे। स्कूल की तरफ से अभिभावकों को जानकारी तक नहीं दी गई। ऐसे में एक बच्चा गर्मी में 6 किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचा था।
हालांकि, स्कूल प्रबंधक इस बात से इंकार कर रहा है। उनका कहना था कि जिन बच्चों की फीस नहीं आई है, उनको मल्टीमीडिया रूम में अलग से बैठाया गया था। किसी को भी घर नहीं भेजा गया था। ऑल नोएडा पैरंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष यतेंद्र कसाना ने बताया कि इस मामले के बाद अब एसोसिएशन स्कूल में जाकर प्रिंसिपल से बात करेगी। साथ ही, शुक्रवार को ज्वाइंट सेक्रेटरी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में स्कूलों की मनमानी का मुद्दा उठाया जाएगा। हम लोग अलग-अलग स्कूलों की फीस का मुद्दा उठाएंगे।
एपीजे स्कूल में 18 को बच्चों को न भेजने का फैसला
स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया है। एपीजे स्कूल के अभिभावकों ने फीस बढ़ोतरी के विरोध में 18 जुलाई को बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का फैसला किया है। फेसबुक पर अभिभावकों ने ये पोस्ट शेयर की है। ये पोस्ट एपीजे पैरेंट्स के नाम से की गई है। धीरे-धीरे अभिभावक इससे जुड़ रहे हैं।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल की तरफ से करीब 26 प्रतिशत फीस बढ़ा दी गई है। इसके विरोध में अभिभावकों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद स्कूल प्रबंधक ने कुछ अभिभावकों को अगले दिन मिलने के लिए बुलाया था। इस दौरान स्कूल ने अभिभावकों को तर्क दिया था कि स्कूल में मिल रही सुविधाओं और स्टाफ के वेतन को देखते हुए फीस बढ़ाई गई है।
फीस में सिर्फ 8 से 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। ऐसे में अभिभावकों ने अलग तरीके से विरोध करने का तरीका निकाला है। एपीजे स्कूल के अभिभावकों से सोशल मीडिया के जरिये यह अपील की है कि आने वाली 18 जुलाई को अपने बच्चों को स्कूल न भेजे।