दिल्ली मेट्रो ने चालक रहित (ड्राइवरलेस) मेट्रो नेटवर्क के मामले में वैश्विक स्तर पर अपना दबदबा कायम कर लिया है। पिंक और मजेंटा लाइन के विस्तार के साथ दिल्ली मेट्रो अब दुनिया के सबसे बड़े चालक रहित मेट्रो प्रणालियों में शुमार हो गई है। भविष्य की जरूरतों और फेज-4 की चुनौतियों को देखते हुए डीएमआरसी ने 52 नई ट्रेनों की खरीद का खाका तैयार किया है। दुनिया में सऊदी अरब की रियाद मेट्रो सबसे लंबे पूर्णतः चालक रहित नेटवर्क के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है।
मेट्रो का नया कीर्तिमान, 2025 में 235 करोड़ लोगों ने किया सफर
दिल्ली मेट्रो ने वर्ष 2025 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आंकड़ों के अनुसार 2025 के दौरान कुल 235.80 करोड़ यात्रियों ने सफर किया। डीएमआरसी के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली मेट्रो ने वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोविड-19 महामारी के कारण लगे झटकों को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया है।
2024 में जहां यात्रियों की संख्या 228.35 करोड़ (223.5 करोड़ लगभग) थी, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 235.80 करोड़ पर पहुंच गया है। दैनिक औसत 2024 में प्रतिदिन औसतन 62.39 लाख लोग मेट्रो का उपयोग कर रहे थे, वहीं 2025 में बढ़कर 64.60 लाख प्रतिदिन हो गया।
एक दिन में 81 लाख यात्रियों का आंकड़ा
साल 2025 केवल कुल यात्रियों की संख्या के लिए ही नहीं, बल्कि एक दिन में सर्वाधिक सफर के रिकॉर्ड के लिए भी याद किया जाएगा। 18 नवंबर 2024 को मेट्रो ने 78.67 लाख यात्रियों का रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन 8 अगस्त 2025 के दिन दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क पर एक ही दिन में 81,87,674 (81.87 लाख) यात्रियों ने सफर किया। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली मेट्रो की समयबद्धता 99.9% बनी हुई है।