राजधानी के नागरिकों को बेहतर सुविधा प्रदान करने हेतु शुक्रवार को उत्तरी दिल्ली नगर निगम और दिल्ली मेट्रो रेल निगम में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत नबी करीम में बहुस्तरीय पार्किंग के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और आरके आश्रम- जनकपुरी कॉरिडोर व इंद्रलोक- इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर पर इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। इस संबंध में निगमायुक्त ज्ञानेश भारती और डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपराज्यपाल अनिल बैजल की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर अनिल बैजल ने निगम व डीएमआरसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस परियोजना से नागरिकों को लाभ मिल सकेगा इस प्रयोजन से जहां एक तरफ उत्तरी निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी वहीं, दूसरी ओर डीएमआरसी को अपने मेट्रो स्टेशन के लिए जमीन मिलेगी। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले स्थान पर एक ही जगह मेट्रो पार्किंग और वाणिज्य स्थान की व्यवस्था हो सकेगी।
निगमायुक्त ने परियोजना के बारे में बताया कि ईदगाह रोड सदर बाजार में निगम के स्वामित्व वाले 26,198 वर्ग मीटर में फैले क्षेत्र में इस परियोजना को विकसित किया जाएगा उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए तय किया गया था कि इस पूरी परियोजना को एकीकृत कर विकसित किया जा सके। इसके लिए एक प्रस्ताव भी तैयार किया गया था। इसमें चार स्तर भूमिगत इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन और तीन स्तर पर व्यवसायिक परिसर और छह स्तर पर ओवरहेड बहुमंजिला पार्किंग की योजना बनाई गई है।
इस परियोजना के तहत दिल्ली मेट्रो अपने मेट्रो स्टेशन के साथ-साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बहुमंजिला पार्किंग की संरचना का निर्माण करेगी। इसके बाद व्यवसायिक परिसर और बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण अलग-अलग टेंडर के माध्यम से चयनित रियाद कर्ताओं द्वारा किया जाएगा। इन परियोजनाओं के लिए दिल्ली मेट्रो डिजाइन, ड्राइंग और टेंडरिंग का कार्य करेगी।
दिल्ली मेट्रो की तरफ से पेश प्रारंभिक प्रस्ताव के अनुसार, भूमिगत मेट्रो स्टेशन का निर्माण आगामी जनवरी 2023 तक पूरा किया जाना है। वहीं, इस बीच बहुमंजिला कार पार्किंग और जमीन के ऊपर वाणिज्यिक स्थान के निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित कर परियोजना को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस परियोजना में करीब डेढ़ वर्ष का समय लगेगा।
दिल्ली मेट्रो रेल के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने कहा कि इस परियोजना से भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में रह रहे लोगों को मदद मिलेगी। लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हमने यह परियोजना को तैयार किया है। निगम महापौर जयप्रकाश ने कहा कि यह परियोजना निगम के लिए अल्ट्रा मॉडर्न प्रोजेक्ट के तौर पर मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पुरानी दिल्ली के निवासियों को अधिक लाभ मिलेगा।