ये कारें फेज-4 के तहत इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर पर छह-छह कोच वाली 15 ट्रेनों के रूप में चलाई जाएंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने अपने ड्राइवर-रहित नेटवर्क के विस्तार की दिशा में अहम कदम उठाते हुए 90 स्टैंडर्ड-गेज मेट्रो कारों की खरीद की प्रक्रिया शुरू की है। ये कारें फेज-4 के तहत इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर पर छह-छह कोच वाली 15 ट्रेनों के रूप में चलेगी। जारी टेंडर के अनुसार, इन मेट्रो कारों के डिजाइन, निर्माण, आपूर्ति, परीक्षण और कमीशनिंग के लिए वैश्विक स्तर पर बोलियां आमंत्रित की गई हैं। इस परियोजना को लगभग 204 हफ्तों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
परियोजना के लिए आंशिक वित्तपोषण जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी और भारत सरकार के बीच मार्च 2025 में हुए ऋण समझौते के तहत किया जाएगा, जबकि रखरखाव का खर्च डीएमआरसी वहन करेगा। चयनित कंपनी को 35 वर्षों तक इन कोचों के व्यापक रखरखाव की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। साथ ही, मैजेंटा लाइन (लाइन-8) का यह विस्तार इंद्रलोक तक किया जाएगा, जिससे इसकी कुल लंबाई लगभग 89 किलोमीटर हो जाएगी और यह दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा कॉरिडोर बन जाएगा।
पूरी लाइन को भविष्य में ड्राइवर-रहित संचालन के लिए तैयार किया जा रहा है। इस विस्तार के बाद कॉरिडोर में कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें 40 भूमिगत होंगे। साथ ही, 21 इंटरचेंज स्टेशन विकसित किए जाएंगे, जिनमें सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आजादपुर, नई दिल्ली और इंद्रलोक को ट्रिपल इंटरचेंज के रूप में विकसित किया जाएगा। डीएमआरसी अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से यात्रा समय में कमी आएगी, भीड़भाड़ घटेगी और राजधानी में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।