कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जनता कर्फ्यू के दौरान मेट्रो की सेवाएं बंद रखने के बाद सोमवार को मेट्रो में लागू स्टैगर्ड सर्विस प्लान (सीमित सेवाएं) को लॉक डाउन का पहला चरण माना जा रहा है। डीएमआरसी ने दिल्लीवासियों के सहयोग से कोरोना संक्रमण से बचाव से लड़ाई की मुहिम शुरू कर दी है।
मेट्रो में सफर करने वालों की संख्या 50 फीसदी तक कम हो चुकी है, जबकि सेवाएं सीमित करने से केवल बेहद जरूरी कार्यों के लिए लोगों को सफर का मौका मिल सकेगा।
मेट्रो की ओर से सामाजिक दूरियां बनाए रखने की अपील के साथ-साथ पार्किंग को भी सोमवार को बंद रखा जाएगा। रोजाना सफर की शुरुआत से मेट्रो कोच को सैनिटाइज किया जा रहा है तो यात्रा के दौरान भी एहतियात बरतने की हिदायतें दी गई हैं।
सीमित सेवाओं के दौरान भी पाबंदियों के साथ घरों से बाहर न निकलने के सुझाव दिए जा रहे हैं, ताकि संक्रमण को काबू किया जा सके। यदि सोमवार को इस योजना को सफलता मिलती है तो आगे इस भी लागू किया जा सकता है। माना जा रहा है कि लगातार दो दिनों तक मेट्रो में लगाई जाने वाली इस तरह की पाबंदी के जरिए संक्रमण से लड़ाई लड़ी जाएगी।
15 फरवरी तक मेट्रो में औसतन 58 लाख से अधिक यात्राएं रोजाना होती थीं। 15 मार्च तक यह आंकड़ा घटकर 46 लाख के करीब पहुंच गया। पिछले एक सप्ताह में यात्रियों की संख्या कम होकर 30 लाख के करीब हो चुकी है। दो दिनों के लिए लगाई जा रही पाबंदी के दौरान यात्रियों की संख्या घटकर और भी कम होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो हालात को काबू करने के लिए अगर मेट्रो को लॉक डाउन की तरफ कदम बढ़ाना पड़े तो किया जा सकता है।
मेट्रो की तरफ से जारी बयान में भी कहा गया है कि अगर मौजूदा हालात के मद्देनजर पाबंदी जरूरी हुई तो इस प्लान को आगे भी जारी रखा जा सकता है।