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हाईवे गैंगरेप पीड़ित परिवार के घर में किसी के भी घुसने पर प्रतिबंध, मीडिया पर भी रोक

Sat, 06 Aug 2016 02:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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डीएम निधि केसरवानी के निर्देशों के बाद घर के आसपास स्थायी रूप से दो पीसीआर तैनात की गई हैं। साथ ही घर में परिवार के लोगों के अलावा सभी का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है।
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शुक्रवार को कुछ मीडियाकर्मियों को भी पुलिस ने लौटा दिया। काउंसलरों का कहना है पीड़िताओं के जीवन को सामान्य करने के लिए उन्हें मीडिया से दूर रहना होगा। एसओ खोड़ा अवेधश यादव ने बताया कि परिवार की सहमति के बिना किसी को भी मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

स्थानीय विधायक अमरपाल शर्मा ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। विधायक अमरपाल शर्मा ने बताया कि घटना से पीड़ित परिवार को आघात पहुंचा है। ऐसे में बच्ची और परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आर्थिक मदद जरूरी है।
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मानवाधिकार आयोग से मामले की शिकायत

- फोटो : अमर उजाला
इस मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष से की गई है। विजय नगर निवासी सुदीप साहू ने मानवाधिकार आयोग को मामले की शिकायत करते हुए प्रदेश सरकार से रिपोर्ट लेकर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।

आयोग अध्यक्ष से शिकायत में 100 नंबर की बदहाल स्थिति का जिक्र करते हुए कहा गया है कि प्रदेश में आम आदमी बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। ऐसे में आयोग अध्यक्ष इस संबंध में हस्तक्षेप करें। उन्होंने कहा कि आयोग के हस्तक्षेप से प्रभाव होगा और पीड़ित मां-बेटी व परिवार को सुरक्षा और दोषियों को सजा मिल सकेगी।
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सीबीआई जांच की याचिका पर सुनवाई अब 8 को

- फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में बुलंदशहर हाईवे दुराचार कांड की जांच सीबीआई से करवाने के लिए दायर याचिका की सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार ने अतिरिक्त समय की मांग की। इस पर हाईकोर्ट ने अगली तारीख 8 अगस्त नियत की।

याचिका में अधिवक्ता प्रिंस लेनिन ने घटना की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की थी। इस पर हाईकोर्ट ने पूछा था कि उन्हें अब तक हुई पुलिस की जांच में क्या कोई कमी दिखती है?

इसका जवाब शुक्रवार तक देने को कहा था, लेकिन प्रिंस लेनिन पूरक हलफनामे के जरिए जवाब नहीं दे सके। उन्हाेंने भी अतिरिक्त समय की मांग की, जिस पर उन्हें भी सोमवार तक का समय दिया गया।
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