कलेक्ट्रेट सभागार गौतमबुद्धनगर
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गौतमबुद्ध नगर जिलाधिकारी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में नोएडा व ग्रेनो की आरडब्ल्यूए और एओए के साथ बैठक की। बैठक में डीएम ने कहा है कि लिफ्ट का पंजीकरण कराना जरुरी थी, लेकिन बड़ी संख्या में पंजीकरण नहीं कराए गए। अब तीन गुना धनराशि के साथ पंजीकरण करना होगा। अगर पंजीकरण नहीं कराया तो फिर लिफ्ट का संचालन बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने पिछले साल लिफ्ट एक्ट लागू कर दिया था। इसके तहत सभी लिफ्ट का पंजीकरण जरुरी है। 31 मार्च तक लिफ्ट का पंजीकरण कराने का मौका दिया गया था, लेकिन दो माह पहले पूरा हो चुका है। इसके बाद भी अब तक केवल 7702 लिफ्ट का पंजीकरण हुआ है। जबकि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 80 हजार से अधिक लिफ्ट हैं। समय पूरा होने के बाद विलंब शुल्क के साथ लिफ्ट का पंजीकरण कराना था। पहले सात दिन में 100 रुपये प्रतिदिन, फिर सात से 15 दिन में 200 रुपये प्रतिदिन, 15 से 30 दिन में 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पंजीकरण कराना था, लेकिन यह समय भी पूरा हो गया है। 30 दिन के बाद 10,000 रुपये विलंब शुल्क देना होगा।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि एक लिफ्ट की पंजीकरण धनराशि पांच हजार रुपये है। अब 10 हजार रुपये के विलंब शुल्क के साथ पंजीकरण करना होगा। अब पंजीकरण नहीं कराने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी। जुर्माना धनराशि का नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी अगर पंजीकरण नहीं कराया गया तो फिर लिफ्ट का संचालन बंद किया जाएगा। पंजीकरण होने के बाद ही संचालन शुरू किया जाएगा। सभी एओए व आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों से कहा है कि समय से लिफ्ट का रखरखाव कराना होगा।