गौतमबुद्धनगर के डीएम एनपी सिंह ने मंगलवार को कैंप ऑफिस पर प्राधिकरण के इंजीनियरों को बुलाकर सवाल पूछा कि क्या नोएडा को भी गुड़गांव जैसा बनाओगे।
इंजीनियरों ने कहा कि सिर्फ एक सप्ताह का समय दे दें। इसके बाद जलभराव, अतिक्रमण, टूटी फूटी सड़क व बंद नाले नहीं दिखाई देंगे। इस पर डीएम ने कहा कि अगले सप्ताह खुद शहर में निकलकर निरीक्षण करेंगे।
दरअसल, पिछले दिनों हुई तेज बारिश के बाद गुड़गांव का हाल सभी देखा था। उस वक्त टीवी समेत अन्य जगहों पर बहस के दौरान यह बात भी आई थी कि ढांचागत व्यवस्था में गुड़गांव की अपेक्षा नोएडा बेहतर है, लेकिन सोमवार शाम हुई तेज बारिश से शहर के कई स्थानों पर जलभराव और भीषण जाम हो गया था।
देर रात तक लोगों ने डीएम से भी शिकायत की कि जाम से निकलने में चार से पांच घंटे लग गए। डीएम ने बताया कि मंगलवार सवेरे करीब आठ बजे प्राधिकरण के इंजीनियरों को बुलाकर शहर को कैसे और बेहतर किया जाए, बातचीत की गई।
इंजीनियरों से कहा कि प्राधिकरण के पास संसाधनों की कमी नहीं है। सिर्फ लागू करने की जरूरत है। डीएम ने यह भी चेताया कि हालातों में सुधार नहीं किए गए तो गुड़गांव से भी अधिक स्थिति खराब हो जाएगी।
इस दौरान इंजीनियरों ने एक-एक करके शहर के हालातों को सुधारने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि जहां पर भी बारिश के बाद जाम लगता है, वहां की जमीन नीची है और ड्रेनेज व्यवस्था ठीक नहीं हैं। पानी निकलने की पर्याप्त जगह नहीं हैं। वहीं लोगों ने रैंप को आगे बढ़ाकर बना लिया है, जिससे नालियां बंद हो गई हैं।
पार्किंग के हालात बिगड़े हैं। डीएम ने कहा कि अगर किसी ने नाली बंद कर रखी तो उसको खुलवाया जाए। पुलिस फोर्स की जरूरत पड़े तो मिल जाएगी। इसमें आरडब्ल्यूए और औद्योगिक संगठनों की मदद भी ली जाए।