मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम से जल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत तो मिलेगी ही, साथ ही जल बोर्ड के रेवेन्यू सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अनाधिकृत जल और सीवर कनेक्शनों को नियमित करने के लिए भी योजना लागू की जा रही है, जो 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना अंतिम अवसर है, जिसके बाद अनियमित कनेक्शन काटे जा सकते हैं। छूट केवल पेनल्टी पर होगी, जबकि सामान्य कनेक्शन शुल्क और इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज नियमानुसार जमा करने होंगे।
तकनीकी खामियां हुईं दूर
सीएम ने कहा कि योजना लागू करने से पहले दिल्ली जल बोर्ड ने अपने रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम की सभी तकनीकी खामियां दूर कर ली हैं। पिछली सरकार के कार्यकाल में सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग और मेंटेनेंस में बाधा आने से बिलिंग ठप हो गई थी। अब सिस्टम पूरी तरह सक्रिय और अपग्रेड किया जा चुका है। प्रत्येक दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए एक नया राजस्व कार्यालय बनाया गया है, जबकि राजस्व कार्यों के लिए डिप्टी डायरेक्टर और ज्वाइंट डायरेक्टर स्तर पर अधिकारियों की तैनाती की गई है।
दिल्लीवालों के लिए दीपावली का उपहार
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा, यह योजना जनता के हित में है। हम जानते हैं कि जल बोर्ड को इससे आर्थिक नुकसान होगा, लेकिन जनता को राहत मिलना ज्यादा जरूरी है। यह दिल्लीवासियों के लिए दीपावली का उपहार है। उन्होंने कहा कि सरकार जल बोर्ड की व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त और पारदर्शी बना रही है।