जिला के जिन गांवों में इस वर्ष के शुरू में मेट्रो रेल ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग की ग्रीन बेल्ट, सड़कों के निर्माण व चौड़ीकरण आदि विकास कार्यों के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था। उन्हें 1 से 7 सितंबर तक मुआवजा राशि वितरित की जाएगी। मुआवजा वितरण के समय वहां पर गांव के नंबरदार और पटवारी को भी उपस्थित रहने के आदेश दिए गए हैं। बता दें कि इस वर्ष जनवरी माह में हरियाणा राज्य ओद्यौगिक अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) द्वारा विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए लगभग 246 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था।
एक सितंबर को जिला प्रशासन की टीम गांव फाजिलवास और गांव बिनौला, 02 सितंबर को गांव बिलासपुर तथा गांव राठीवास, 04 सितंबर को गांव सिद्धरावली तथा 5 सितंबर को गांव नरसिंहपुर व गांव मोहम्मदपुर झाड़सा में मुआवजा राशि का वितरण किया जाएगा। इन गांवों में राजकीय विद्यालय को मुआवजा वितरण के लिए स्थान निर्धारित किया गया है। 06 सितंबर को गांव नाहरपुर कासन के वृद्धाश्रम तथा गांव नखरौला के ग्राम सचिवालय में 07 सितंबर को मानेसर तहसील कार्यालय में मुआवजा राशि का वितरण होगा।
इसके अलावा, जो भूमि मालिक किसी कारणवश अपने गांव में मुआवजा राशि प्राप्त नहीं कर पाते हैं, वे गुरुग्राम में लघुसचिवालय के दूसरे तल पर स्थित जिला राजस्व अधिकारी के कार्यालय से भी मुआवजा राशि प्राप्त कर सकते हैं।
उपायुक्त विनय प्रताप ने बताया कि जिन किसानों अथवा कंपनियों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है, उन्हें दी जाने वाली मुआवजा राशि सीधी उनके बैंक खाते में जाएगी। उन्हें केवल मुआवजा वितरण करने आने वाली टीम को दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करके देने हैं। ऐसा करते समय किसानों को अपना बैंक का खाता नंबर, बैंक का नाम, दो फोटो, आधार अथवा वोटर कार्ड की कॉपी साथ लेकर आनी होगी।
विनय प्रताप ने बताया कि अधिगृहित की गई भूमि में किसानों व ग्रामीणों की जमीन कम है और ज्यादात्तर जमीन कंपनियों की है। किसानों को मुआवजा राशि उनके गांव में जाकर दी जा रही है और कंपनियों को नोटिस भेजा जा रहा है कि वे जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय से मुआवजा राशि प्राप्त कर लें।