जिला प्रशासन ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसल की रिपोर्ट गिरदावरी करवाकर राज्य सरकार को भेज दी है। अब किसानों को मुआवजे के मरहम का इंतजार है।
जिला राजस्व अधिकारी कुलबीर सिंह ढाका के मुताबिक जिले के लगभग सवा सौ गांवों की 33 हजार एकड़ से ज्यादा गेहूं की फसल खराब हुई है। इनमें से 1986 एकड़ में तो 76 से 100 फीसदी तक फसल बर्बाद होने की रिपोर्ट गई है। सरकार कुछ जिलों के किसानों की मांग पर गिरदावरी करने के लिए पांच दिन और वक्त दिया है। ऐसे में अगर दो दिन पहले हुई बारिश से कहीं पर और नुकसान हुआ तो किसान 20 तारीख से पहले प्रशासनिक अधिकारियों को बता सकते हैं।
राजस्व विभाग गिरदावरी का काम पूरा करके 28 मार्च को ही रिपोर्ट सरकार को भेज दी थी। लेकिन अप्रैल के पहले सप्ताह में दोबारा बारिश होने की वजह से नुकसान काफी बढ़ गया। ऐसे में सरकार ने फिर से 15 अप्रैल तक गिरदावरी कर रिपोर्ट देने को कहा था।
इसलिए जिला प्रशासन ने इस अवधि तक नुकसान के आकलन का काम पूरा कर बता दिया कि यहां 33,454 एकड़ फसल बर्बाद हुई है। प्रगतिशील किसान मंच के प्रधान सत्यवीर डागर का कहना है कि सरकार कम से कम 30 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दे।