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मानेसर में होंडा कंपनी प्लांट में मजदूरों और प्रबंधन के बीच तनातनी, पुलिस बल तैनात

Tue, 05 Nov 2019 02:44 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
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कंपनी के बाहर जमा मजदूर - फोटो : अमर उजाला
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देश की अग्रणी दुपहिया वाहन कंपनी होंडा के आईएमटी मानेसर सेक्टर-3 स्थित प्लांट में मंगलवार सुबह श्रमिकों (अनुबंधित कर्मचारी) को हटाने व उन्हें गेट पर ही रोकने से हंगामा हो गया। विरोध में श्रमिक गेट पर तालाबंदी कर धरने पर बैठ गए। 
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कंपनी में प्रवेश नहीं मिलने से नाराज श्रमिकों ने अंदर मौजूद सहकर्मियों को गेट से बाहर नहीं निकलने दिया। इससे कंपनी के बाहर व अंदर तनाव की स्थित उत्पन्न हो गई। श्रमिकों ने नारेबाजी कर काम बंद कर दिया। 

हंगामा देखकर कंपनी के आसपास सुरक्षा बल तैनात किया गया है। मौके पर पहुंचे कंपनी अधिकारियों ने उन्हें समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। पुलिस-प्रशासन शांतिपूर्ण तरीके से श्रमिकों को समझाने का प्रयास कर रहा है। फिलहाल कंपनी का कामकाज पूरी तरह ठप है। कंपनी गेट पर करीब एक हजार से अधिक कर्मचारी डेरा डाले हुए हैं।
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होंडा कंपनी में मंगलवार को पहली शिफ्ट की छुट्टी होने व दूसरी शिफ्ट के श्रमिकों को गेट पर ही रोक देने से विवाद बढ़ गया। कंपनी प्रबंधन ने अनुबंधित कर्मचारियों को निकाले जाने का फरमान गेट पर ही सुना दिया, जिससे श्रमिक भड़क गए। होंडा कंपनी में करीब 2200 अनुबंधित कर्मचारी चार-पांच वर्ष से काम कर रहे हैं। लगभग 1900 कर्मचारी स्थायी हैं। सभी कर्मचारी तीन शिफ्ट में काम करते हैं।
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यूनियन के प्रधान सुरेश गौड़ ने बताया कि कंपनी कई दिनों से 100 से 150 कर्मचारियों को हटाती जा रही है। मंगलवार सुबह 10.30 बजे करीब 150 कर्मचारियों को हटाने को आदेश जारी कर दिया। कंपनी प्रबंधन के अचानक लिए गए इस निर्णय को लेकर कंपनी के अंदर व बाहर श्रमिकों ने रोष जताया और धरने पर बैठ गए।

उन्होंने बताया कि कंपनी हर तीन महीने बाद कर्मचारियों को तीन से चार माह के लिए हटा देती है। पहले हटाए गए काफी कर्मचारियों को रखा भी नहीं गया। इन हालात में वह आर्थिक तंगी से जूझते रहते हैं। कंपनी प्रबंधन से कई बार बात भी हुई, लेकिन ठोस नतीजा नहीं निकला। दिवाली से पहले भी स्थायी कर्मचारी को निकालने पर प्लांट में विवाद बढ़ गया था, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने दिवाली होने की वजह से स्थिति को संभाल लिया और प्लांट चालू रखा।

छावनी में हुआ तब्दील हुआ प्लांट
होंडा कंपनी प्रबंधन ने तनाव की स्थिति को भांपते हुए तुरंत पुलिस बुला ली। चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस-प्रशासन ने कई बार कंपनी प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बातचीत कराई, लेकिन विवाद नहीं निपट सका। इसके बाद प्लांट बंद करना पड़ा। इस मामले को लेकर कंपनी के प्रतिनिधियों से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो सकी।
 
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