मतदान के साथ ही बुधवार को दिनभर मतदाताओं में कयासों का दौर चलता रहा। चौक-चौराहों, चाय की दुकानों व चौपालों में हुक्के के साथ मतदाता हार-जीत का गुणा-भाग करते दिखे।
किसी ने विकास के नाम बटन दबाने का दावा किया तो कई ने राष्ट्रवाद पर बात की। हालांकि, दोनों तरह की चर्चाओं के बीच एक तबका ऐसा भी रहा, जो बातचीत में दखल देने की जगह सुनने वाले की भूमिका में था। मसलन, कोंडली के खिचड़ीपुर टिंबर मार्केट पर चाय की चुस्कियों के बीच सियासी चर्चा भी गरम थी। रामआसरे के वोट देने के सवाल पर संदीप सिंह ने कहा कि सरकारें हमारा चूल्हा थोड़े जलाने आएंगी। बस थोड़ी बहुत सहूलियत मिल जाए, उतना ही काफी है। इतने भर का विकास पिछले पांच साल में हुआ है, तो वोट विकास पर दे आया।
इतना सुन सुशांत ने कहा कि आप भी क्या बात करते हो, देश नाम की भी कुछ चीज होती है। जब देश रहेगा, तभी तो विकास होगा। बातचीत गरम होती, इससे पहले ही चाय वाले ने गर्मागर्म चाय थमाते हुए सलाह दी कि अब तो वोट दे दिया हो, अब बहस करने से क्या फायदा। अब तो चाय की चुस्कियों का मजा लो। करीब 2 बजे विश्वास नगर के कड़कड़डूमा गांव में चौराहे पर भीड़ जमा थी। लोगों में चर्चा सरकार बनाने व हराने पर थी। सचिन शर्मा ने कहा कि यहां वोटिंग ज्यादा हो रही है। इसका फायदा भाजपा का मिलेगा।
इस बार भाजपा सरकार बनाने वाली है। इसको काटते हुए सौरभ कुमार ने कहा कि ऐसा नहीं है। अभी कैसे कह सकते हो कि भाजपा जीत रही है। 8 तारीख को बात करेंगे कि किसकी सरकार बन रही है।