फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली खरीद के लिए पैसे नहीं, दिल्ली में अब कटेगी बिजली!

Fri, 31 Jan 2014 01:00 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली उत्पादन कंपनी एनटीपीसी और एनएचपीसी फरवरी के पहले सप्ताह से डिस्कॉम्स को 500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति रोक सकती है। इसकी मार बिजली वितरण करने वाली कंपनी यमुना पावर लिमिटेड के इलाके में रहने वाले उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ सकती है।
विज्ञापन


यमुना पावर लिमिटेड का कहना है कि उसके पास बिजली खरीदने के लिए पैसे नहीं है। इससे फरवरी के पहले सप्ताह से राजधानी में जबरदस्त बिजली संकट कायम होने की संभावना है।

अगर आपूर्ति में कटौती हुई तो पूर्वी और मध्य दिल्ली के करीब 50 हजार घरों में रोजाना 8 से 10 घंटे तक अंधेरा कायम रह सकता है। दरअसल यमुना पावर लिमिटेड को पांच फरवरी तक एनटीपीसी और एनएचपीसी को 96 करोड़ का भुगतान करना है। लेकिन यमुना पावर लिमिटेड का कहना है कि कंपनी की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और अब वह उत्पादन कंपनी को बिजली खरीद की कीमत देने में सक्षम नहीं है। कंपनी का दावा है की उसकी आर्थिक स्थिति देखकर बैंक, कर्ज देने के लिए भी तैयार नहीं है।
विज्ञापन


दिल्ली के विशेष ऊर्जा सचिव अंकुर गर्ग ने कहा कि बिजली कंपनी की ओर से पत्र मिला हैै। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी को पत्र लिखा गया है कि बिजली खरीद की रकम अदायगी के लिए डिस्कॉम्स को 30 दिन की जगह 90 दिन का समय दिया जाए। इस बाबत पावर फाइनेंस कमीशन (पीएफसी) को पत्र लिखकर कंपनी को कर्ज देने के लिए कहा गया है।

कंपनी ने इन्हें लिखा पत्र
बिजली वितरण कंपनी यमुना पावर लिमिटेड की ओर से इस संबंध में दिल्ली के उपराज्यपाल, केंद्रीय ऊर्जा और वित्त मंत्रालय, दिल्ली के मुख्य सचिव, डीईआरसी के चेयरमैन, एनटीपीसी, एनएचपीसी, डीवीसी  व एसजेवीएनएल को पत्र लिखकर जरूरी कार्रवाई करने और बिजली कटौती से बचाने का आग्रह किया है।

सरकार पर दबाव बनाने की हो सकती है कोशिश
माना जा रहा है कि सीएम अरविंद केजरीवाल की सख्ती से परेशान बिजली कंपनी इस तरह के पत्र से सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश के तहत भी लिख सकती हैं।

बिजली उत्पादन कंपनी एनटीपीसी से फिलहाल डिस्कॉम्स को किसी भी तरह का नोटिस बिजली कटौती के संबंध में नहीं दिया गया है, बावजूद डिस्कॉम्स यह कह रह रही हैं कि हो सकता है अगले माह से एनटीपीसी 500 मेगावाट बिजली देनी बंद कर दे। जबकि पूर्व में एनटीपीसी के नोटिस देने के बाद भी डिस्कॉम्स हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती थीं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें