अवैध रुप से रह रहे बांग्लादेशियों की जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह के बदमाश अब तक दो लाख से ज्यादा लोगों के फर्जी कागजात बना चुके हैं। इनमें हजारों बांग्लादेशियों के भारत में रहने के लिए फर्जी कागजात बनाए गए हैं। आरोपी पैन कार्ड मात्र 10 रुपये में बना देते थे। इसके अलावा 10 से 20 रुपये में हर जरूरी कागजात बनाते थे।
खास बात है कि जनता प्रिंट नाम से वेबसाइट बनाने वाला आरोपी सोनू कुमार मात्र 12वीं पास है और उसने यू-ट्यूब देखकर वेबसाइट बनाई थी। इससे पहले दो पोर्टल बनाए थे, जो वर्ष 2022 में बंद हो गए थे। दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि सोनू साइट चलाने वाले दीपक मिश्रा उर्फ रजत का जीजा है। स्नातक डिग्री होल्डर दीपक इस साइट को चला रहा था।
हेल्पलाइन नंबर भी जब्त
उपायुक्त चौहान ने बताया कि आरोपियों ने साइट की एक व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर भी चला रखा था। जो कोई कागजात बनाता था उसे पहले साइट पर एकाउंट बनाना होता था। साइट पर क्यूआर कोड डाला हुआ था जिसे स्कैन कर लोग पैसे भेजते थे। नंबर को जब्त कर लिया गया है।
अमर उजाला ने इस खबर को सबसे पहले प्रकाशित किया था
अमर उजाला ने दिसंबर में ही इस खबर को सबसे पहले प्रकाशित किया था कि सेंटू की हत्या से हुआ था वेश्यावृति गिरोह का पर्दाफाश। उसमें सेंटू शेख बांग्लादेश से लड़कियों को भारत लाकर उनसे वेश्यावृति करवा रहा है।
कम पैसे में बनाते थे दस्तावेज
पुलिस ने रंजीत और अफरोज दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच से पता चला कि जनताप्रिंट्स.साइट ने जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, कोविड प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र सहित फर्जी दस्तावेज नाममात्र कीमतों पर बनाते थे। इन दस्तावेजों के लिए भुगतान मोहम्मद चांद के नाम से पंजीकृत एक नंबर से जुड़े पेटीएम क्यूआर कोड के जरिए किया गया था।
ऐसे होता था काम
आरोपियों ने अपने आधार कार्ड पूनम ऑनलाइन कंप्यूटर सेंटर, सेक्टर-5, रोहिणी, दिल्ली के माध्यम से बनवाए थे, जिसका मालिक साहिल सहगल है। उसके बाद सेक्टर 5, रोहिणी निवासी साहिल सहगल (26) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि मृतक सेन्टू शेख अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों ने उससे संपर्क किया था। साहिल ने फर्जी वेबसाइट जनता प्रिंट्स साइट का इस्तेमाल कर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए और उन्हें आधार कार्ड प्रोसेसिंग के लिए अपने सहयोगी रंजीत को भेजा।
गिरोह का ऐसे पर्दाफाश हुआ
उपायुक्त चौहान ने बताया कि नवंबर में सेंटू शेख की हत्या हुई थी। उसके बाद पता लगा कि वह बांग्लादेश का नागरिक था। उसे अवैध रूप से दिल्ली लाया गया था। बांग्लादेशी लड़कियों से वेश्यावृति कराने व पैसे के विवाद में उसकी हत्या थी। शुरू में पुलिस ने स्वभाविक मौत की कार्रवाई की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मिदुल मियां (26), मिदुल मियां की पत्नी (20), फरदीन अहमद (24) और उसकी पत्नी फरदीन अहमद (24) को गिरफ्तार किया था। मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले ये लोग दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे थे।
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच बढ़ी
चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम ने जांच शुरू की तो पता लगा कि मृतक सेंटू शेख उर्फ राजा उन्हें किसी न किसी बहाने धमकाता रहता था। पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी पिछले एक साल से नकली भारतीय पहचान पत्र से संगम विहार में रह रहे थे। सभी ने अपने बांग्लादेशी पहचान पत्र (चिप आधारित एनआईडी कार्ड) या जन्म प्रमाण पत्र दिखाया। सेन्टू शेख के घर से 21 आधार कार्ड, 4 वोटर आईडी कार्ड और 8 पैन कार्ड बरामद किए गए। ये बांग्लादेशियों के हैं। ऐसे में जांच फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाने, अवैध आव्रजन और किसी गिरोह के शामिल होने की तरफ जांच बढ़ी।