16 जून की शाम 6.37 बजे पुलिस को सूचना मिली कि उनका एक पड़ोसी दरवाजा नहीं खोल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था। खटखटाने से अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस ने दमकल कर्मियों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा। अंदर जाने पर पुलिस ने देखा कि बेडरूम में 49 साल के ऋषि की मौत हो चुकी है। जबकि उनकी बहन 54 साल की गुड्डन बिस्तर पर पड़ी हुई है।
जांच में पता चला कि गुड्डन दिव्यांग है और वह न तो बोल सकती है, न चल सकती है। सूचना देने वाले पड़ोसी रमेश चंद ने बताया कि ऋषि की वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में छोटे बर्तन बनाने की फैक्टरी है। उनकी पत्नी अपनी बेटी के साथ पिछले 15 साल से पैतृक घर पर रहती है। दिल्ली में ऋषि अपनी दिव्यांग बहन के साथ रहते थे। उन्होंने उनकी देखभाल के लिए एक घरेलू सहायिका रखी हुई थी। पड़ोसी ने बताया कि शनिवार रात नौ बजे मृतक उनके साथ ही थे। उसके बाद वह अपने घर लौट आए।
आस्ट्रेलिया में रहता है मृतक का भाई
पुलिस ने मृतक की पत्नी और आस्ट्रेलिया में रहने वाले उनके भाई लाल पवन सिंह को सूचना दी। भाई के दिल्ली आने पुलिस ने उनसे पूछताछ की। साथ ही मृतक की पत्नी के अलावा पड़ोसियों से भी पूछताछ की। पुलिस ने गुड्डन को उनके भाई को सौंप दिया है। मंगलवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उनके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि परिवार ने किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं जताई है। पुलिस ऋषि की मौत के कारणों की जांच कर रही है।