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Delhi NCR News: दीपाली चौक से मंगोलपुरी तक बनेगा आकर्षक ग्रीन कॉरिडोर

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2.5 किलोमीटर फ्लाईओवर क्षेत्र में लगाए जाएंगे पौधे, घास और फूलदार झाड़ियां, होगी लैंडस्केपिंग
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5100 वर्गमीटर में बनेगी म्यूरल आर्ट, पर्यावरण और स्वच्छ ऊर्जा की थीम पर सजेंगे पिलर

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में फ्लाईओवरों के नीचे और प्रमुख सड़कों के किनारे बदहाल पड़ी जगहों की तस्वीर बदलने की तैयारी है। दिल्ली सरकार ने निजी कंपनियों के साथ मिलकर इन स्थानों को साफ, हरित, सुरक्षित और आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने की पहल की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में सोमवार को पीडब्ल्यूडी और दो निजी संस्थानों के बीच समझौता हुआ। इसके तहत दीपाली चौक से मंगोलपुरी मार्केट तक फ्लाईओवर के नीचे 2.5 किलोमीटर क्षेत्र और मथुरा रोड व एमपी मार्ग के आसपास करीब दो एकड़ ग्रीन बेल्ट को विकसित किया जाएगा।

पहले चरण में निजी कंपनियां सीएसआर और पीपीपी मॉडल के तहत इन स्थानों के विकास और रखरखाव में सहयोग करेंगी। यहां हरियाली बढ़ाने के साथ फेंसिंग, लाइटिंग, पैदल रास्ते, लैंडस्केपिंग और म्यूरल आर्ट जैसे काम होंगे। डिक्सन टेक्नोलॉजीज और वृक्षित फाउंडेशन की पहल से दीपाली चौक से मंगोलपुरी मार्केट तक करीब 2.5 किलोमीटर लंबे हिस्से का कायाकल्प किया जाएगा। फ्लाईओवर के नीचे फेंसिंग कर क्षेत्र को व्यवस्थित किया जाएगा। यहां स्थानीय प्रजातियों के पेड़-पौधे, घास, झाड़ियां और फूलदार पौधे लगाए जाएंगे।
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61 पिलर बनेंगे आकर्षण का केंद्र
फ्लाईओवर के 61 पिलर पर करीब 5100 वर्गमीटर क्षेत्र में म्यूरल आर्ट तैयार की जाएगी। इन पर पर्यावरण, स्वच्छ ऊर्जा और प्रकृति से जुड़ी कलाकृतियां बनाई जाएंगी। इसका उद्देश्य केवल दीवारों को रंगना नहीं, बल्कि प्रमुख मार्ग को दिल्ली की अलग पहचान देने वाला आकर्षक कॉरिडोर बनाना है। फेंसिंग और हरियाली के साथ यह पूरा हिस्सा पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित नजर आएगा।


दो एकड़ ग्रीन बेल्ट का भी होगा कायाकल्प
कनोडिया ग्रुप सीएसआर पहल के तहत मथुरा रोड और एमपी मार्ग के आसपास करीब दो एकड़ ग्रीन बेल्ट को विकसित करेगा। इन क्षेत्रों में फिलहाल कचरा डंपिंग, अवैध झुग्गियां, सड़क किनारे अतिक्रमण और अनियोजित इस्तेमाल जैसी समस्याएं हैं। यहां व्यवस्थित लैंडस्केपिंग के साथ पेड़-पौधे, फूलदार पौधे और झाड़ियां लगाई जाएंगी। पैदल रास्ते और लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। निजी क्षेत्र केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रखरखाव भी करेगा।

स्वच्छ, हरित और सुंदर दिल्ली बनाना सरकार के साथ समाज और निजी क्षेत्र की भी जिम्मेदारी है। शहर का विकास केवल नई सुविधाएं बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। मौजूदा स्थानों का बेहतर इस्तेमाल कर नागरिकों को साफ, सुरक्षित और बेहतर सार्वजनिक स्थल मिलेगा।- रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री
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मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप फ्लाईओवरों और सड़कों के किनारे के क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। दोने दोनों निजी संस्थानों की भागीदारी इसमें अहम होगा।- प्रवेश साहिब सिंह, पीडब्ल्यूडी मंत्री
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