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डीएलएड : 1 लाख टीचरों की शिक्षण पात्रता पर गहराया संकट, ये है कारण

Mon, 08 Jan 2018 05:10 PM IST
प्रगति मिश्रा/अमर उजाला, नोएडा
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शिक्षक - फोटो : amar ujala
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केंद्र सरकार ने अप्रशिक्षित सेवारत शिक्षकों को 31 मार्च 2019 तक डीएलएड या बीएलएड कार्यक्रमों के से प्रशिक्षण प्राप्त करने के निर्देश थे। इसके बाद देशभर से करीब 14 लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों ने एनआईओएस द्वारा संचालित शिक्षण पात्रता कोर्स डीएलएड और बीएलएड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।

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बीएड डिग्री प्राप्त शिक्षकों के लिए 6 माह का डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) व बीएड की डिग्री न होने पर 2 साल का बीएलएड (बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन) कोर्स करना अनिवार्य कर दिया गया है।

इसके लिए सरकार ने शिक्षकों को 31 मार्च 2019 तक का समय दिया गया है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2017 थी। अब तक ऑनलाइन आवेदन द्वारा एनआईओएस (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग) के पास करीब 14 लाख लोगों ने कोर्स में दाखिले के लिए आवेदन किया है।
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हालांकि एनआईओएस के डॉयरेक्टर संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सरकारी निर्देश प्राप्त होने पर एनआईओएस ने करीब 15 लाख शिक्षकों को इस संबंध में जानकारी भेजी गई थी, जिसमें से कई लोगों ने आवेदन नहीं किया है। आवेदन की तारीख कई बार बढ़ाई जा चुकी है। अब आवेदन की प्रक्रिया बंद हो चुकी है। 

1 लाख शिक्षकों का भविष्य अधर में

वहीं, कुछ शिक्षकों का कहना है कि उनके आवेदन न हो पाने का कारण एनआईओएस की गलती है। ऐसे में आवेदन की तारीख फिर से बढ़ाई जानी चाहिए। ऐसी ही मांग कर रहे विमल श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी बहन प्रतिभा श्रीवास्तव एक प्राइवेट संस्थान में शिक्षक हैं।

1 महीने तक उन्होंने और उनकी बहन ने कई बार एनआईओएस की वेबसाइट पर दाखिले के लिए आवेदन करने का प्रयास किया, लेकिन कभी भी वेबसाइट काम नहीं कर रही थी। इसके चलते वह दाखिला नहीं ले सकीं।

जब इस संबंध में एनआईओएस के अधिकारियों को कॉल और ईमेल किए गए तो जवाब नहीं मिला। 29 नवंबर से 31 दिसंबर तक डीएलएड में आवेदन करने पर बिना यूडायस नंबर वाले शिक्षकों के लिए बना लिंक लगातार सर्वर नॉट फाउंड दर्शा रहा था, जिस कारण कई शिक्षक आवेदन नहीं कर सके।

1 लाख शिक्षकों का भविष्य अधर में
एनआईओएस की साइट न चलने से नाराज कुछ शिक्षकों ने एनआईओएस को मेल लिखकर और एचआरडी मिनिस्टर और मंत्रालय को ट्वीट कर इस संबंध में शिकायतें भेजी हैं। नए नियमों के चलते करीब 1 लाख शिक्षकों का भविष्य अधर में है।
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क्या है डीएलएड 

डेमो - फोटो : डेमो
डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) के जरिये शिक्षण कार्य कर रहे बीएड पास अप्रशिक्षित शिक्षकों को 6 माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा जिन्होंने बीएड नहीं किया है ऐसे सेवारत शिक्षक 2 साल के बीएलएड कार्यक्रम के जरिये प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

इसके तहत शिक्षण स्तर की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा। इसमें शिक्षण के तरीके, बच्चों की समस्या समाधान, बाल अधिकार, विद्यालय का वातावरण आदि विषयों से संबंधित ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान शिक्षकों को वीडियो, ऑडियो, ऑनलाइन माध्यमों और टीवी चैनल के जरिये प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दूरदर्शन के स्वयंप्रभा चैनल से प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन होगा। डीएलएड में दाखिला लेने वाले शिक्षकों के लिए यह चैनल लगवाना अनिवार्य है। स्वयं नामक ऑनलाइन पोर्टल के जरिये शिक्षकों को वीडियो, ऑडियो और लेक्चर भी मिलेंगे।

इसके लिए शिक्षकों को इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। प्रशिक्षण बाद परीक्षा उत्तीर्ण करनी पडे़गी अन्यथा वह शिक्षण कार्य के योग्य नहीं माने जाएंगे। शिक्षकों के लिए 15 दिन की पीसीपी कक्षाओं में हिस्सा लेना अनिवार्य होगा।
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