शनिवार शाम को भाजपा की डिजिटल रैली आम लोगों से कोसों दूर रही। एलईडी स्क्रीन पर मुख्यमंत्री से सीधा संवाद का दावा भी फ्लाप नजर आया। लोग घंटों मुख्यमंत्री से बात करने के लिए बैठे रहे। लेकिन, बात नहीं हो पाई। मायूस होकर लोगों को घर लौटना पड़ा।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उम्मीद थी कि डिजिटल रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री से बात हो जाएगी। इसलिए दोपहर बाद से ही बाबा नगर में लगी एलईडी के सामने दर्जनों महिलाएं दोपहर बाद अपने बच्चों संग पहुंची थीं।
हाथों में पट्टिकाएं लिए महिलाओं को कहा गया कि सीएम उनसे सीधे संवाद बात करेंगे। तब वे अपनी समस्या सीएम को बताएंगी। लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद सीएम ने उनसे कोई बात नहीं की। देर रात नौ बजे भूखी-प्यासी मायूस होकर घर लौटी।
महिला शशि, अख्तरी, कामिन और फरनाद ने बताया कि वे बहुत गरीब हैं। अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाना चाहती हैं। लेकिन सरकार उन्हें उनका हक नहीं दिला रही। वे रैली को सुनने व देखने नहीं आई थी। बल्कि रैली के माध्यम अपनी बात सीएम से करने आई थी।