शिविर... 15 दिनों में 1.32 लाख छात्राओं ने लिया आत्मरक्षा का प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। बच्चों को सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के लिए दिल्ली पुलिस का बाल सुरक्षा जागरूकता माह अभियान जारी है। इसके तहत राजधानी के स्कूलों में डिजिटल कॉमिक्स के जरिए बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर कक्षा चर्चाएं करवाई जा रहीं हैं। वहीं, अभियान के पहले 15 दिनों में दिल्ली के विभिन्न स्कूलों में 1.32 लाख से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
पुलिस उपायुक्त (एसपीयूडब्ल्यूएसी) नेहा यादव ने बताया कि महीने के पहले सप्ताह में शुरू किए गए डिजिटल कॉमिक जागरूकता अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोचक और संवादात्मक तरीके से बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। विशेष रूप से तैयार की गई डिजिटल कॉमिक पुस्तिकाओं के जरिए बच्चों को साइबर सुरक्षा, शारीरिक बुलिंग की रोकथाम, नशा जागरूकता और पॉक्सो (बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण) कानून जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जा रही है। कक्षा चर्चाओं के दौरान छात्र-छात्राएं अपनी समझ साझा कर रहे हैं और विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत हर हफ्ते स्कूलों को नई डिजिटल कॉमिक पुस्तिकाएं भेजी जा रहीं हैं। साथ ही शिक्षकों के लिए ऑनलाइन फीडबैक व्यवस्था भी बनाई गई है, ताकि वे विद्यार्थियों की सीख और अपने अनुभव दिल्ली पुलिस के साथ साझा कर सकें। अभिभावकों को भी इस अभियान में भागीदार बनाया गया है और उनसे सप्ताह के आखिरी में बच्चों के साथ कॉमिक आधारित सुरक्षा विषयों पर चर्चा करने का आग्रह किया गया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, बाल सुरक्षा जागरूकता माह के तहत एसपीयूडब्ल्यूएसी और जिला पुलिस की ओर से राजधानी के स्कूलों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। एक से 15 जुलाई तक चले प्रशिक्षण शिविरों में कुल 1,32,757 छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए। पुलिस का उद्देश्य बच्चों और किशोरियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाते हुए उन्हें आत्मविश्वासी और सक्षम बनाना है।