अस्पताल का बिल ज्यादा आए
अस्पताल में भर्ती मरीज कोरोना अपने स्वास्थ्य बीमा के तहत क्लेम कर सकता है। अगर अस्पताल का बिल इसके इंश्योरेंस की रकम से ज्यादा आता है तो व्यक्ति को वह पैसा खुद भरना होगा।
ज्यादा नेटवर्क वाली कंपनी से लें बीमा:
बीमा लेते समय इस बात का ध्यान रखें की जिस कंपनी के पास अस्पतालों का सबसे बड़ा नेटवर्क है। उससे ही बीमा लें। इससे बीमारी के समय किसी भी अस्पताल में भर्ती होने में परेशानी नहीं होगी।
जांच कर लें की बीमा में पुरानी बीमारियों शामिल होगी या नहीं:
बीमा लेने से पहले यह जांच लें की इसमें कोविड कवर के साथ साथ अन्य बीमारियों का भी इलाज है या नहीं,हालांकि अधिकतर कंपिनयों का यही कहना है कि स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में अन्य बीमारियों के साथ कोविड भी शामिल है। जिसका पूरा खर्च उठाया जाएगा।
विशेषज्ञों की राय:
सीए और बीमा मामलों के जानकार सजय गुप्ता बताते हैं कि नई पॉलिसी से सभी लोगों को लाभ मिलेगा,लेकिन समस्या यह है कि इस समय अस्पतालों ने कैश लेस सुविधा खत्म कर दी है। ऐेसे में मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के समय सारा भुगतान खुद से ही करना पड़ता है। करीब दो महीने बाद कागजी कार्रवाई के बाद यह पैसा उसे मिलता है। वहीं,कैशलेस सुविधा के अंदर व्यक्ति को नकद भुगतान नहीं करना पड़ता । बीमा कंपनी ही अस्पताल को भुगतान करती है। इसलिए अगर व्यक्ति के पास नकद पैसै नहीं हैं तो उसे समस्या हो सकती है।