पीठ ने एनडीएमसी के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए तल्ख टिप्पणियां कीं। पीठ ने 16 मई को अवकाश पीठ के समक्ष मामले को लाने पर कहा कि आखिर यह कोर्ट में चल क्या रहा है? पीठ ने कहा कि एनडीएमसी के वकील ने नियमित पीठ द्वारा राहत देने से इनकार करने के बारे में अवकाश पीठ को नहीं बताया।
जब इस मामले में कोई नया आवेदन नहीं दाखिल किया गया तो तो इसे अवकाश पीठ के समक्ष कैसे रखा गया? एनडीएमसी से काफी खफा पीठ ने शुरुआत में कहा कि एनडीएमसी पर पांच लाख का जुर्माना ठोकेगा, मगर उसके वकील ने जब जुर्माने की रकम कम करने की अपील की तो पीठ ने इसे घटाकर 50 हजार रुपए कर दिया।