दिल्ली के बीपीओ कर्मी युवती से गैंगरेप के मामले में पांच दोषियों की सजा पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। अदालत आज पांचों दोषियों को सजा सुना सकती है। विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने पांच आरोपियों को मेडिकल, फोरेंसिक व अन्य साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म का दोषी करार दिया था।
पीड़िता मूल रूप से मिजोरम की रहने वाली है। पांचों दोषी हरियाणा के फरीदाबाद व पलवल के रहने वाले हैं और कुख्यात मेवाती गिरोह के बदमाश हैं। इन सभी के खिलाफ अन्य आपराधिक मामले भी विचाराधीन हैं।
द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने मंगलवार को गांव मीरपुर पलवल निवासी आरोपी उस्मान उर्फ काले, बिल्ला कॉलोनी सेक्टर 55 फरीदाबाद निवासी शमशाद उर्फ खुटकन, इकबाल उर्फ छोटी बिल्ली, शाहिद उर्फ बड़ी बिल्ली, कमरूद्दीन उर्फ कमरू उर्फ मोबाइल को अपहरण व दुष्कर्म का दोषी ठहराया था।
अदालत ने मंगलवार को दिया था दोषी करार
अदालत ने उस्मान उर्फ काले को आर्म्स एक्ट के आरोप से बरी कर दिया है। अदालत ने आरोपियों को डीएनए जांच, फिंगर प्रिंट, सीसीटीवी फुटेज, पीड़िता व उसकी सहेली व बॉस के बयान के आधार पर दोषी ठहराया।
आरोपी उस्मान ने भी अदालत में गवाही के दौरान अपराध स्वीकार किया था। हालांकि उसके अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने फैसला आने से पूर्व 22 सितंबर को अर्जी दायर कर उस्मान के खिलाफ सबूत प्लांट करने व अन्य सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।
बीपीओ से लौटते वक्त हुई घटना
कन्वर्जिस बीपीओ की सीनियर एग्जीक्यूटिव 23 व 24 नवंबर 2010 की रात करीब डेढ़ बजे मोतीबाग में कॉल सेंटर की कैब से घर लौटी थी। उस समय पीड़िता व उसकी सहकर्मी अपने घर की ओर बढ़ रही थीं। उसी समय महिंद्रा पिकअप में दोषी आए और बंदूक के दम पर पीड़िता को अगवा कर लिया।
उसकी सहकर्मी किसी तरह खुद को बचाकर वहां से भागी थी। बदमाश पीड़िता को लेकर मंगोलपुरी की ओर चले गए। बदमाशों ने पीड़िता से रास्ते में और मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में भी रेप किया था। इसके बाद बदमाश पीड़िता को वहीं फेंक कर फरार हो गए।
सहेली ने दी थी सूचना
उसकी सहेली ने ही पुलिस को इसकी सूचना दी थी। इसके आधार पर पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस को पीड़िता के पर्स में 10 रुपये के नोटों का रबर लगा बंडल मिला था। उसने पुलिस को बताया कि यह नोट उसके नहीं थे। उसने पुलिस को यह भी बताया कि जिस गाड़ी में उसे अगवा किया गया उस पर मुस्कान लिखा हुआ था।
पुलिस ने इस मामले में दो दिसंबर 2010 को खास सूचना के आधार पर पलवल के धौज इलाके से उस्मान व शमशाद को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने जांच के दौरान महिंद्रा पिकअप व वारदात के समय आरोपियों द्वारा पहने हुए कपड़े भी बरामद कर लिए थे।