उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने देश के लिए जान की बाजी लगाने वाले जवानों को भी नहीं बख्शा। भागीरथी विहार इलाके में उपद्रवियों ने सीआरपीएफ के पूर्व जवान ऐश मोहम्मद के घर को आग लगा दी थी।
ऐश मोहम्मद के दर्द को ‘अमर उजाला’ ने 2 मार्च के अंक में प्रमुखता से छापा था। यह खबर पढ़कर सीआरपीएफ के अधिकारियों ने मंगलवार को ऐश मोहम्मद से संपर्क कर मदद का भरोसा दिया। बुधवार को सीआरपीएफ के डीजी डॉ. एपी माहेश्वरी ने पूर्व जवान को उनका घर दोबारा बनाने के लिए 11 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी।
भावुक हुए ऐश को गले लगाते हुए एपी माहेश्वरी ने कहा कि सीआरपीएफ आपका परिवार है। ‘अमर उजाला’ से बातचीत करते हुए भी ऐश भावुक हो गए। उन्होंने अपने अधिकारियों के साथ ही ‘अमर उजाला’ को भी धन्यवाद दिया।
ऐश मोहम्मद (58) भागीरथी विहार, मेन बृजपुरी नाला रोड के ए-38/1 में पत्नी मोहिना बेगम, तीन बेटों व दो बेटियों के साथ रहते हैं। 2002 में सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त ऐश ने जम्मू-कश्मीर में तैनाती के दौरान कई बार आतंकियों से लोहा लिया। मंगलवार को उनका पूरा परिवार शादी में बुलंदशहर गया हुआ था।
घर में ऐश मोहम्मद व उनका बेटा अमजद थे। उपद्रवियों ने उनके मकान को घेर लिया और पेट्रोल बम से हमला करने के अलावा गोलियां भी चलाईं। ऐश ने अपना परिचय देते हुए उपद्रवियों से उन्हें छोड़ने को कहा, लेकिन वे नहीं माने।
काफी देर बचने के प्रयास करने के बाद ऐश छत पर पहुंचे और बेटे के साथ पड़ोसी के मकान में कूदकर जान बचाई। उपद्रवियों ने उनके दो मंजिला मकान को फूंक दिया। ऐश के मुताबिक, 29 मार्च को उनकी भतीजी की शादी थी। उसके दहेज का ज्यादातर सामान भी उनके घर पर ही था। इसे या तो लूट लिया गया या फिर आग लगा दी गई।
‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशित होने के बाद मंगलवार को सीआरपीएफ अधिकारियों ने ऐश को ढूंढा। अगले ही दिन एक कार्यक्रम में ऐश को बुलाकर सीआरपीएफ डीजी डॉ. एपी माहेश्वरी ने दोबारा मकान बनाने के लिए 11 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी। डीजी ने ऐश को गले लगाकर फिक्र नहीं करने के लिए भी कहा।