गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की मधुबन-बापूधाम योजना में मिले भूखंडों की रजिस्ट्री कराने के लिए माननीयों को घरवालियों को साथ लाना पड़ेगा।
जीडीए अधिकारियों ने भूखंडों का आवंटन पाए प्रदेश के सभी विधायकों-मंत्रियों को पत्नियों (महिला विधायकों को पतियों) संग जीडीए आकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करने के संदर्भ में पत्र भेज दिए हैं।
पत्नी न होने कीसूरत में माननीयों को इससे संबंधित दस्तावेज जीडीए में जमा करने होंगे। दूसरी ओर, विधायकों की रजिस्ट्री के लिए लगने वाले दो दिवसीय कैंप की तैयारियां जीडीए अधिकारियों ने शुरू कर दी हैं।
प्रदेश की पिछली विधानसभा में चुने गए 279 विधायकों को जीडीए ने मधुबन-बापूधाम योजना में 300 वर्गमीटर के प्लाटों का आवंटन किया था। अब तक करीब 30 विधायक-मंत्री अपने प्लाटों की रजिस्ट्री करा चुके हैं।
बड़ी संख्या में विधायकों की रजिस्ट्रियां लंबित होने के कारण 24 और 25 फरवरी को जीडीए विधायकों और मंत्रियों के लिए विशेष रूप से रजिस्ट्री कैंप आयोजित कर रहा है।
जिन विधायकों और मंत्रियों की रजिस्ट्री बाकी हैं, उन्हें कैंप के विषय में जानकारी भेजने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे संबंधित सार्वजनिक सूचना भी प्रकाशित कर दी गई है।
जीडीए उपाध्यक्ष विजय यादव ने बताया कि विधायकों की रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया को समयबद्ध और सुगम तरीके से संपन्न कराने के लिए 24 और 25 फरवरी को विशेष कैंप लगाया जाएगा।
रजिस्ट्री कैंप से पूर्व समेत सभी जरूरी औपचारिकताओं को पूरा कराने के संबंध में विधायकों को पत्र भेज दिए गए हैं।
अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि 8 मार्च 2001 के शासनादेश में स्पष्ट निर्देश हैं कि प्राधिकरण की संपत्तियों की रजिस्ट्री के समय पति या पत्नी (जैसी स्थिति हो) का नाम रजिस्ट्री में अवश्य डाला जाए।
इन भूखंडों की रजिस्ट्री में पत्नी और पत्नी का नाम संयुक्त रूप से शामिल किया जाना है। इसके चलते सभी विधायकों को रजिस्ट्री के लिए सपत्नीक आने के लिए पत्र भेजे गए हैं। विवाह विच्छेद, निधन आदि की अवस्था में इससे संबंधित दस्तावेज जमा कराने होंगे।