-मई के लिए 7.94% तक अतिरिक्त एफपीपीएएस को मंजूरी, बीआरपीएल उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा असर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं को लगातार दूसरे महीने महंगाई का झटका लगेगा। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने बिजली वितरण कंपनियों को ईंधन और बिजली खरीद समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) में अतिरिक्त बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है। इससे उपभोक्ताओं पर महीने के बिजली बिल में बढ़ोतरी होगी।
दिल्ली विद्युत नियामक आयोग ने 10 जुलाई को जारी आदेश में कहा कि मई 2026 के लिए तय 10% की सीमा से अधिक एफपीपीएएस वसूला जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार बढ़ी हुई दरें अगले बिलों में दिखेंगी, जिससे राजधानी में घरेलू बिजली का खर्च और बढ़ सकता है। जून और जुलाई में दिल्ली में तीनों डिस्कॉम (बिजली कंपनियों) ने डीईआरसी से राहत मांगी थी। उनका कहना था कि मई में बिजली खरीद की वास्तविक लागत आधार लागत के मुकाबले काफी बढ़ गई है। ऐसे में बिल में बढ़ोतरी जरूरी हो गई है। आयोग ने कहा कि डिस्कॉम को बिजली खरीद लागत में हुई बढ़ोतरी का कम से कम एक उचित हिस्सा वसूलने में आ रही दिक्कत को देखते हुए यह अतिरिक्त छूट दी गई है।
डीईआरसी ने गणना की कि मई के लिए वास्तविक एफपीपीएएस बीआरपीएल के लिए 25%, बीवाईपीएल के लिए 19.91% और टीपीडीडीएल के लिए 12.21% बनता है। हालांकि, नियमों के अनुसार एक बिलिंग चक्र में अधिकतम 10% ही वसूला जा सकता है। मसलन, अप्रैल में डीईआरसी ने बीआरपीएल के लिए 7.94%, बीवाईपीएल के लिए 7.43% और टीपीडीएल के लिए 6% अतिरिक्त एफपीएएस की अनुमति दी थी।
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इतना होगा अतिरिक्त एफपीपीएएस
डीईआरसी के आदेश के अनुसार मई 2026 के लिए अतिरिक्त एफपीपीएएस इस प्रकार होगा
- बीआरपीएल: 7.94 प्रतिशत
- बीवाईपीएल: 7.43 प्रतिशत
- टीपीडीएल: 2.21 प्रतिशत
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मई का कुल वसूला जाने वाला एफपीपीएएस होगा
- बीआरपीएल: 17.94 प्रतिशत
- बीवाईपीएल: 17.43 प्रतिशत
- टीपीडीएल: 12.21 प्रतिशत
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यह भी जानें
1. एफपीएएस हर महीने तय होता है: यह उपभोक्ता के फिक्स चार्ज और एनर्जी चार्ज के कुल जोड़ का प्रतिशत होता है।
2. 10% की सीमा: सामान्य तौर पर एक बिल में 10% तक ही एफपीपीएएस वसूला जा सकता है।