बुलंदशहर नगर पालिका के कार्यों में हुई अनियमितताओं की गाज पूर्व नगर पालिका ईओ अरुण कुमार गुप्त और मौजूदा ईओ एके सिंह पर गिर ही गई। बुलंदशहर डीएम की संस्तुति और अन्य जांच को आधार मानकर शासन ने दोनों को निलंबित कर दिया है।
अरुण कुमार गुप्त वर्तमान में गाजियाबाद नगर निगम में उप नगर आयुक्त पद पर तैनात हैं जबकि एके सिंह पूर्व में इसी पद पर गाजियाबाद में रह चुके हैं।
नगर विकास विभाग के सचिव श्रीप्रकाश की ओर से जारी निलंबन आदेश नगर आयुक्त आरके सिंह और डीएम बुलंदशहर को मिल गया है। निलंबित किए गए अधिकारियों को मंडलायुक्त कार्यालय से अटैच कर कमिश्नर भूपेंद्र सिंह को जांच सौंपी गई है।
इंटरलॉकिंग टाइल्स की गुणवत्ता में गड़बड़ी, होर्डिंग-पार्किंग ठेका समेत कई प्रकरणों के घोटालों का पुलिंदा डीएम बी. चंद्रकला ने शासन को भेजा था। डीएम नेे अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति शासन से की थी।
कुछ दिनों पूर्व डीएम बी.चंद्रकला के निरीक्षण में घटिया टाइल्स मिलने की एक वीडियो भी वायरल हो रही थी। चर्चा है कि वीडियो वायरल होने के बाद नगर विकास मंत्री आजम खां ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की कमान अपने हाथों में ले ली थी।
चर्चित घोटाले
इंटरलॉकिंग निर्माण, पुरानी सामग्री की बिक्री, विज्ञापन-होर्डिंग्स, पालिका क्षेत्र से बाहर विकास कार्य, सोडियम लाइट्स, जेनरेटर खरीद, ठेकेदारों द्वारा प्राइवेट बैंक की एफडीआर जमा कराना, शासनादेशों के खिलाफ बोर्ड में प्रस्ताव पारित कराना, जेसीबी मशीन, हाइड्रोलिक ट्रक, आयशर ट्रैक्टर, लोडर, डस्टबिन, कंटेनर डंपर, स्काईलिफ्ट, एलीवेटर, पार्किंग ठेका आदि मामले कार्रवाई का आधार बने हैं।
जांच टीम ने भी रखे इनपुट
डीएम की संस्तुति के बाद लखनऊ से अपर निदेशक (स्थानीय निकाय) अविनाश कृष्ण सिंह समेत तीन अफसरों की टीम जांच के लिए बुलंदशहर पहुंची थी। सूत्रों की मानें तो जांच टीम ने भी शासन के समक्ष प्रकरणों के इनपुट रखे।