उन्होंने चाइल्ड पीजीआई के विषय में कहा कि इसकी तर्ज पर आसपास कोई निजी अस्पताल पनप नहीं पाए, इसके लिए बेहतर और आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी। पीजीआई प्रशासन को इस संबंध में प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए हैं। भंगेल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 50 बेड का महिला अस्पताल जल्द शुरू करने की बात भी कही। इस मौके पर सांसद डॉ. महेश शर्मा, विधायक पंकज सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी जर्नादन सिंह, स्वास्थ्य विभाग मेरठ संभाग की अतिरिक्त निदेशक डॉ. अर्चना त्यागी मौजूद रहे।
इन सुविधाओं की शुरुआत
-जिला अस्पताल के तीसरे तल स्थित आधुनिक टीकाकरण केंद्र में आज से गर्भवती महिलाओं, किशोर-किशोरियों और पांच साल तक के बच्चों को 12 बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाएंगे। टीकाकरण केंद्र में ही स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए अमृत कक्ष बनाया गया है। साथ ही, परिजनों के लिए परामर्श सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
-जिला अस्पताल में गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं के तीसरे तल पर ही छह बेड के नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) बनाया गया है। एनआईसीयू की सुविधा शुरू होने के बाद अब जन्म के बाद बीमार शिशुओं को चाइल्ड पीजीआई या फिर निजी अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत नहीं होगी। सभी छह बेड ऑक्सीजन और वेंटिलेटर युक्त हैं।
-चाइल्ड पीजीआई में माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बीएसएल-3 लैब शुरू की गई है। उच्च संक्रमण क्षमता वाले रोगजनक सूक्ष्म जीवों के परीक्षण और बाल चिकित्सा अनुसंधान के लिए यह लैब अहम भूमिका निभाएगी। कोविड-19 के वैरिएंट, इंफ्लुएंजा एच1एन1, एच3एन2, रेस्पिरेटरी वायरस, दवा प्रतिरोधी जीव जैसी उच्च जोखिम वाली बीमारियों के परिक्षण में उपयोगी होगी।
दवाओं का बजट 20 प्रतिशत बढ़ाया
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए सरकार ने दवाओं का बजट 20 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया है। जरूरी दवाओं की खरीद अस्पताल अपने स्तर पर भी कर सकेंगे। स्टॉक में खत्म होने वाली दवाओं की लोकल परचेज की मंजूरी दी गई है।
दीवार पर लगेगा डॉक्टरों का टाइमटेबल
मरीज अस्पताल पहुंचते हैं तो पता चलता है संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर छुट्ïटी पर है या फिर कहीं और उसकी ड्ï्यूटी लगी है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान यह समस्या सामने आई है। मरीजों की सहूलियत के लिए डॉक्टरों का टाइमटेबल दीवार पर टांगने के निर्देश दिए गए।
400 से बढ़कर 1300 हुई अल्ट्रासाउंड केंद्रों की संख्या
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में गर्भवतियों के लिए निजी केंद्रों व अस्पतालों में निशुल्क अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था कारगर साबित हो रही है। 24 मई को इसकी शुरुआत हुई थी। प्रदेश में योजना से जुड़े केंद्रों की संख्या 400 से बढकऱ 1300 हो गई है।
सीएमएस की सराहना, सीएमओ को हिदायत
उप मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल में एक महीने के अंदर कई सुविधाएं शुरू करने पर सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल की सराहना की। वहीं, जनता की शिकायतों और खराब रुख के कारण सीएमओ डॉ. सुनील कुमार शर्मा को व्यवहार ठीक करने की हिदायत भी दे दी।