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चार व्यवस्थाएं दुरुस्त हो तो रुकेगा 70% प्रदूषण

Sun, 21 May 2017 08:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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बढ़ता वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) की ओर से लगातार प्रदूषण रोकने के लिए प्रदेश सरकार से लेकर जिलाधिकारियों को आदेश दिए जा रहे हैं, लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद नोएडा में एनजीटी के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। जबकि एनजीटी की ओर से डीएम को नोडल अफसर नियुक्त किया गया है और वह हर सप्ताह प्रदूषण को लेकर समीक्षा करते हैं। अमर उजाला टीम ने शहर में ऐसे चार प्रमुख कारण तलाशे हैं, जिनसे सबसे अधिक प्रदूषण होता है। जिले के अफसर इन पर ध्यान दें तो 70 फीसदी तक पर्यावरण को दूषित होने से रोका जा सकता है। पेश है अमर उजाला संवाददाता मनोज कुमार और फोटोग्राफर राजन राय की एक रिपोर्ट...
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रोडवेज बसें फैला रहीं धुआं
संभागीय परिवहन विभाग को डीएम ने जिम्मेदारी सौंपी थी कि जिले में ऐसे वाहनों को सीज करने की कार्रवाई करें जो प्रदूषण करते हाें, लेकिन शहर में परिवहन विभाग दूसरों पर क्या कार्रवाई करेगा, जब स्वयं रोडवेज की सीएनजी बसें यहां धुआं छोड़ती नजर आती हैं। इसके अलावा निजी बसें और ट्रक भी जमकर प्रदूषण फैलाते हैं। विभाग की ओर से कोई बड़ा अभियान प्रदूषण रोकने के लिए नहीं चलाया गया है।

निर्माण कार्यों पर उड़ती रहती है धूल
बिल्डर साइटों से लेकर नाले की खुदाई हो या फिर कोई अन्य कार्य जमकर धूल उड़ती रहती है। जबकि एनजीटी का आदेश है कि बिल्डर साइट हो या कोई अन्य निर्माण कार्य जहां पर धूल उड़ती हो वहां पर पानी का लगातार छिड़काव किया जाए, लेकिन नोएडा और ग्रेटर नोएडा व ग्रेनो वेस्ट में बिल्डर साइटों पर एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। वहीं, शहर में ही खुले में निर्माण सामग्री पड़ी दिखाई देती है जिसे ढककर नहीं रखा जाता।
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कूड़ा ढककर नहीं ले जाते सफाईकर्मी
शहर की सफाई के लिए प्राधिकरण ने कर्मचारी लगा रखे हैं। कूड़ा उठाने वाली टीम को साफ निर्देश दिए गए थे कि वह कूडे़ को ट्राली से जब ले जाए तो उसे ढककर ले जाएं, लेकिन सफाई कर्मी खुलेआम कूड़ा सड़क पर फैलाते हुए ले जाते हैं। 

दिन में जलाया जा रहा कूड़ा
डीएम की ओर से अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति न तो खेतों में फसल के अवशेष जलाए और न ही कूडे़ के ढेर में आग लगाए, लेकिन जिले में किसानों द्वारा खेतों में फसल के अवशेष जलाए जा रहे हैं और कूडे़ के ढेर में भी आग लगा दी जाती है। सेक्टर-59 के ए ब्लाक में आए दिन कूडे़ के ढेर में आग लगाई जाती है।

एनजीटी के आदेशों का पालन कराने के लिए सभी एसडीएम और नगर मजिस्ट्रेट के अलावा प्राधिकरणों, प्रदूषण विभाग और कृषि विभाग समेत सभी विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अफसर कार्रवाई भी कर रहे हैं और किसानों से लेकर अन्य लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके बावजूद जो लापरवाही बरत रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
- बीएन सिंह, जिलाधिकारी, गौतमबुद्घनगर

कूड़े का निस्तारण नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में कूड़ा जला रहे हैं। किसानों को प्रशासन की ओर से जागरूक नहीं किया जा रहा जिससे वे फसल के अवशेष जला रहे हैं। प्रशासनिक अमला भी काम नहीं कर रहा है जिससे बसों समेत अन्य कई कारणों से प्रदूषण बढ़ रहा है।
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- विक्रांत तोगड़, पर्यावरणविद्
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