दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार खराब बना हुआ है। मंगलवार को घने कोहरे के कारण दिल्ली की हवा 'गंभीर' श्रेणी में बनी हुई है। हवा की गति शांत पड़ने से दिल्ली समेत एनसीआर के सभी शहरों के ऊपर स्मॉग की चादर छाई रही। इसके लिए पंजाब और आसपास के अन्य राज्यों में पराली जलाए जाने को भी कारण माना जा रहा है।
दिल्ली के आईटीओ पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 469 पर 'गंभीर' श्रेणी में है। वहीं अगर दिल्ली के नरेला की बात की जाए तो एआईक्यू 489 और दिल्ली से सटे गुरुग्राम में यह 497 पहुंच गया। वहीं नोएडा शहर का भी बुरा हाल है, यहां वायु गुणवत्ता 480 स्तर पर पहुंच गई।
हर साल सर्दी का मौसम शुरू होते ही दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा को जहरीला होने से रोकने के लिए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) का ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू किया जाता है। इस बार भी 15 अक्तूबर से ग्रैप लागू किया गया था, लेकिन प्रशासनिक तालमेल की कमी के चलते बेअसर साबित हो रहा है।
सर्दियों के मौसम की शुरुआत के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। वहीं, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने बड़ा फैसला करते हुए दिल्ली-एनसीआर में 30 नवंबर तक पटाखों के चलाने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा, जिन अन्य राज्यों में वायु गुणवत्ता खराब स्तर की है, वहां पर भी यह प्रतिबंध लागू होगा।