उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़काने में सोशल मीडिया का खूब इस्तेमाल हुआ था। अज्ञात लोगों ने फेसबुक, यू-ट्यूब, इंस्टाग्राम, ट्विटर और व्हाट्स ऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भड़काऊ पोस्ट और वीडियो डालकर हिंसा की आग में घी डाला था।
जांच के दौरान पुलिस को ये वीडियो मिल गए हैं। साइबर सेल ने ऐसी 110 भड़काऊ पोस्ट को हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म को पत्र लिखा है। पुलिस के अनुरोध पर ऐसी 74 पोस्ट को हटा भी लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी पोस्ट को भी हटा लिया जाएगा।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हिंसा मामले की जांच क्राइम ब्रांच की एसआईटी कर रही है। हिंसा फैलाने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल के कारण ही एसआईटी ने साइबर क्राइम यूनिट को भी जांच में शामिल किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर चल रहे ज्यादातर वीडियो झूठे थे। इनमें वीडियो या तस्वीरों को एडिट कर डाला गया था।
जांच के दौरान साइबर सेल में 27 मामले दर्ज कर छानबीन शुरू की गई तो पता चला कि ऐसी ज्यादातर पोस्ट अज्ञात आईडी से डाली गईं। पुलिस अब इन लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हिंसा मामले में अब तक 2800 लोगों की पहचान की गई है। इनमें 350 से अधिक दिल्ली से बाहर के हैं।