कोरोना वायरस के साथ-साथ देश की राजधानी में अब मच्छरजनित रोगों का प्रकोप भी सामने आने लगा है। दिल्ली में इस साल डेंगू के चलते पहली मौत दर्ज की गई है। जबकि पिछले 19 दिन में इस रोग की वजह से 112 लोग बीमार पड़ चुके हैं। दिल्ली में इस साल मलेरिया और डेंगू से अब तक एक-एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।
सोमवार को दिल्ली नगर निगम की ओर से मिली जानकारी के अनुसार इस साल 1062 लोगों को डेंगू अपनी चपेट में ले चुका है। 1 से 19 दिसंबर के बीच 112 लोग डेंगू ग्रस्त मिले हैं। जबकि इस बीच एक मरीज की मौत भी दर्ज की गई है। इससे पहले वर्ष 2019 में डेंगू के चलते दिल्ली में दो लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2018 में चार, 2017-2016 में 10-10 और 2015 में 60 लोगों की मौत हुई थी।
ठीक इसी तरह दिल्ली में अब तक मलेरिया के 225 केस सामने आ चुके हैं जिनमें से एक मरीज की मौत हो चुकी है। इस माह में केवल दो मरीज ही मलेरिया ग्रस्त मिले हैं। जबकि इससे पहले नवंबर माह में 13 लोगों को मलेरिया होने के बाद अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा था।
इतना ही नहीं दिल्ली में चिकनगुनिया का असर भी दिखाई दे रहा है। अब तक 111 लोगों में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है। इनमें से नौ मरीज 1 से 19 दिसंबर के बीच मिले हैं। हालांकि निगम प्रशासन ने अब तक चिकनगुनिया के चलते किसी मरीज की मौत दर्ज नहीं की है।
आंकड़ों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में मलेरिया का एक मामला सामने आया है। हालांकि निगम के पास अभी तक इस मरीज की जानकारी नहीं मिली है कि यह मरीज किस क्षेत्र में मच्छरों की चपेट में आया है। जबकि इसी सप्ताह में 32 लोग डेंगू की चपेट में आए हैं। इसके अलावा तीन लोगों को चिकनगुनिया भी हुआ है।
दिल्ली नगर निगम का यहां तक कहना है कि मलेरिया के 225 में से 87 मामले बाहरी राज्यों से हैं, जिन्हें उपचार के लिए दिल्ली लाया गया और यहां जांच में बीमारी का पता चला है। इसी तरह डेंगू के 1062 में से 160 और चिकनगुनिया के 111 में से 11 मरीज बाहरी राज्यों से हैं।